विधि-कानून

सरकारी भर्तियां: नींद कब खुलेगी?

इस नीति के विरुद्ध कुछ प्रबुद्ध सांसदों ने कल राज्यसभा में आवाज उठाई है। उनमें से कुछ सांसद मेरे पुराने साथी हैं। उन्हें मैं बधाई देता हूं। अब से लगभग 25 साल पहले मैंने इस भाषा नीति के विरुद्ध एक जोरदार आंदोलन चलाया था।

इससे लोकतंत्र का बागवां महकेगा

विमुद्रीकरण के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब मोदी सरकार चुनाव सुधार की दिशा में भी बड़ा निर्णय लेने की तैयारी में है। संभव है सारे राष्ट्र में एक ही समय चुनाव हो- वे चाहे #लोकसभा हो या #विधानसभा। इन चुनाव सुधारों में दागदार नेताओं पर तो चुनाव लड़ने की पाबंदी लग ही सकती है, वहीं शायद एक व्यक्ति एक साथ दो सीटों पर भी चुनाव नहीं लड़ पाएगा?

मानव अधिकारों का संरक्षण और भारतीय मीडिया

मानव अधिकारों के संरक्षण की चर्चा आरंभ करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर यह मानवाधिकार क्या हैं और इसके बाद यह जानेंगे कि भारतीय मीडिया का इनके विकास में क्या योगदान रहा है। वस्तुतः मानव अधिकारों से अभिप्राय ‘‘मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी हकदार है।