चुनाव राजनीति आखिर क्या चाहते हैं केजरी April 7, 2014 / April 7, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -सतीश मिश्रा- केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलने के साथ ही धरने पर बैठ जाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिर चाहते क्या हैं? मुख्यमंत्री के नाते अपने दायित्व व कर्तव्य निभाने की बजाए वे आंदोलन की राह अपना कर अपनी सरकार को ‘शहीद’ करना चाहते हैं। अपनी इसी रणनीति के […] Read more » what does Kejrival want ? आखिर क्या चाहते है केजरी
चुनाव राजनीति मनमोहन को लग गई परिवर्तन की आहट April 7, 2014 by रमेश पांडेय | Leave a Comment -रमेश पाण्डेय- मनमोहन सिंह अर्थशास्त्री है। राजनीति में आने से पहले वह भारत जैसे महान देश के गवर्नर रहे। इस देश की महानता रही है कि जिसने परिवर्तन की आहट को महसूस किया और उसके अनुरुप खुद को ढाल लिया तो वह इतिहास पुरुष बन गया। अगर हम द्वापर युग की बात करे तो परिवर्तन […] Read more » Manmohan singh feels change मनमोहन को लग गई परिवर्तन की आहट
चुनाव राजनीति दागियों से मुक्त लोकसभा, मतदाताओं की जि़म्मेदारी April 7, 2014 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment -तनवीर जाफरी- देश का मतदाता एक बार फिर लोकतंत्र के चुनाव रूपी महापर्व में शिरकत करने जा रहा है। भारतीय जागरूक मतदाताओं द्वारा चुने जाने वाले 543 लोकसभा सदस्य एक बार फिर देश व देशवासियों के भविष्य का निर्धारण करने हेतु 2014 की लोकसभा में निर्वाचित होकर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर अर्थात् लोकसभा की […] Read more » criminals should be out दागियों से मुक्त लोकसभा मतदाताओं की जि़म्मेदारी
चुनाव राजनीति भारतीय नेताओं ने ही पैदा की यह स्थिति April 7, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- कुछ दिनों पूर्व पाकिस्तान के डॉन अखबार ने भारत के मुस्लिमों के विषय में एक लेख प्रकाशित किया था जिसका मजमून भाजपा की ऒर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की दावेदारी से था| अखबार लिखता है कि भारत की मुस्लिम आबादी नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर आशंकित और […] Read more » Indian leaders are responsible for this worst situation भारतीय नेताओं ने ही पैदा की यह स्थिति
कविता चुनाव राजनीति आ गया फिर चुनाव April 7, 2014 / April 7, 2014 by मिलन सिन्हा | Leave a Comment -मिलन सिन्हा- लो, आ गया फिर चुनाव ! न जाने इस बार किस -किस की डूबेगी नाव इसी सोच में पड़े नेतागण घूमेंगे अब गांव-गांव पहले जहां यदा-कदा ही पड़ते थे उनके पांव लो, आ गया फिर चुनाव ! आज जब कि बाजार में कई चीजों का बना है अभाव और जो मिल […] Read more » satire on election आ गया फिर चुनाव
चुनाव राजनीति बुख़ारी से ज़्यादा सियासत तो आम मुसलमान समझता है ! April 7, 2014 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment –इक़बाल हिंदुस्तानी- मज़हब के नाम पर अपील से हिंदू ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में? पहले दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी ने एक सियासी डील के तहत यूपी में सपा को सपोर्ट किया था लेकिन वहां जब आज़म खां के कारण उनकी दाल नहीं गली और उनके दामाद को न तो विधानसभा चुनाव […] Read more » Bukhari and politics बुख़ारी से ज़्यादा सियासत तो आम मुसलमान समझता है !
चुनाव राजनीति कौन करेगा विश्व गुरू भारत की बात April 5, 2014 by रमेश पांडेय | 3 Comments on कौन करेगा विश्व गुरू भारत की बात -रमेश पाण्डेय- आज भारत रो रहा है। इस देश पर हुकूमत करने का सपना पाले लोगों में से कोई भी भारत को विश्व गुरू बनाने की बात नहीं कर रहा है। कोई कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रहा है तो कोई मोदी मुक्त भारत बनाने के नाम पर वोट मांग रहा है। अरे भारतवासियों […] Read more » who will talk to make India world-guru कौन करेगा विश्व गुरू भारत की बात
चुनाव राजनीति आर्थिक विकास में बाधक है भ्रष्टाचार April 5, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -सतीश मिश्रा- भारत के महाशक्ति बनने की सम्भावना का आकलन अमरीका एवं चीन की तुलना से किया जा सकता है। महाशक्ति बनने की पहली कसौटी तकनीकी नेतृत्व है। अठारहवीं सदी में इंग्लैण्ड ने भाप इंजन से चलने वाले जहाज बनाये और विश्व के हर कोने में अपना आधिपत्य स्थापित किया। बीसवीं सदी में अमरीका ने […] Read more » corruption is obstacle of economic development आर्थिक विकास में बाधक है भ्रष्टाचार
चुनाव राजनीति व्यंग्य नई नाटक-मंडली की नित नई पटकथाएं April 5, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- ‘टोपी – झाड़ू’ वाली नयी नाटक – मंडली के सारे ‘ड्रामे’ कैमरे के सामने ही क्यों होते हैं ? इसे समझना ‘रॉकेट साईन्स’ समझने जैसा कठिन नहीं हैl अपने शुरुआती दौर ‘नुक्कड़’ से लेकर आज तक इस मंडली के निर्देशक और अन्य ‘नाटककार’ आज के दौर में कैसे सुर्खियों में बना रहा जाता है, इसका‘फलसफा’ भली- भांति समझ व जान चुके हैंl रामलीला मैदान, जंतर-मंतर से लेकर ‘रंगशाला’ तक के इनके सफर में ‘कैमरे’ की […] Read more » satire on politics नई नाटक-मंडली की नित नई पटकथाएं
कविता चुनाव राजनीति चुनावी मौसम April 5, 2014 by जावेद उस्मानी | Leave a Comment आज कल तो जैसे हर सू है त्यौहार का मौसम वादों और उम्मीदों का इक खुशगवार सा मौसम रौशन तकरीरो की जवां अंगड़ाइयां सियासी तब्बसुम की ये अठ्ठखेलियां आबे गौहर सी सियासती शोखियां बाग़े उम्मीद की गुलनारी मस्तियां सियासी महक से सरोबार हर कोना न कही मातम न किसी बात का रोना लगता ही नहीं […] Read more » election season satiric poem on election चुनावी मौसम
चुनाव राजनीति अंकों की जादूगरी दिलाएगा मोदी को देश का सर्वोच्च पद April 4, 2014 by दानसिंह देवांगन | Leave a Comment मोदी के रास्ते पर चुनाव आयोग ने बिछाए फूल -दानसिंह देवांगन- रायपुर। कहते हैं दिल से अगर किसी को चाहो तो पूरी कायनात तुम्हें उनसे मिलाने की साजिश रचती है। इस चुनाव में शायद भाजपा के साथ- साथ चुनाव आयोग भी नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री बनाने की मुहिम में जुट गया है। खबर […] Read more » digit will support Modi to win अंकों की जादूगरी दिलाएगा मोदी को देश का सर्वोच्च पद
चुनाव राजनीति यानी मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर रहेंगे मुलायम- आजम …! April 4, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- भारतीय जनता पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुंचाने में लालकृष्ण आडवाणी, अटल विहारी वाजपेयी व उनकी टीम का जितना योगदान रहा, उससे जरा भी कम योगदान लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव , आजम खान , बुखारी और उन वामपंथियों का नहीं रहा, जिन्होंने सांप्रदायिकता के नाम पर हठधर्मिता और एकतरफा […] Read more » Mulayam- Azam support with Modi ! यानी मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर रहेंगे मुलायम- आजम ...!