राजनीति अफजल कसाब की फांसी संघ विचार का विलंबित और आंशिक क्रियान्वयन ही तो है !!!! February 16, 2013 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment पूरी दुनिया के लोकतंत्र के मंदिर भारतीय संसद पर हमलें के आरोपी, आतंकवादी मोहम्मद अफजल को अंततः फांसी दे ही दी गई. फांसी का निर्णय केंद्र मैं बैठी कांग्रेसी सरकार ने लिया तो अवश्य किन्तु इसके पीछे मानसिकता और विचार कौन सा चल रहा था यह विचार किया जाना आवश्यक है. कहना न होगा कि […] Read more »
राजनीति लौह पुरुष ने अभी हार कहाँ मानी है ? February 11, 2013 / February 11, 2013 by अनूप आकाश वर्मा | 2 Comments on लौह पुरुष ने अभी हार कहाँ मानी है ? ज़ाहिर है, भारतीय राजनीति की दो प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियां कांग्रेस और भाजपा इन दिनों आगामी लोकसभा चुनावों के लिए मुद्दे और नेता की तलाश में जुटी हुयी है। अरसे बाद कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद पर पड़ी धूल को हटाते हुए उस पर राहुल गांधी की ताजपोशी की गयी। मौके की नज़ाकत को समझते हुए कुंभ […] Read more » लौह पुरुष ने अभी हार कहाँ मानी है ?
राजनीति क्या सांप्रदायिक ऐजेन्डे पर होगा लोक सभा चुनाव ? February 11, 2013 by मुजफ्फर भारती | Leave a Comment मुजफ्फर भारती- हिंदुस्तान की राजनीति में वोट बैंक पॉलिटिक्स कोई नई बात नहीं है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या अगले चुनाव में राजनीतिक सिर्फ और सिर्फ हिंदू और मुस्लिमों की बात करेंगे। क्या कांग्रेस/भा.ज.पा. की ये पहल अगले लोकसभा चुनाव का सांप्रदायिक एजेंडा तो नहीं है? क्या लोक सभा चुनाव अयोध्या में राम […] Read more » क्या सांप्रदायिक ऐजेन्डे पर होगा लोक सभा चुनाव ?
राजनीति ‘सिद्धांतों और सिंहासन के दोराहे पर खड़ी है भाजपा February 10, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 1 Comment on ‘सिद्धांतों और सिंहासन के दोराहे पर खड़ी है भाजपा सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र’ लोकसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ सभी दलों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है । बात चाहे भाजपा की हो अथवा कांग्रेस की तो दोनों ही दल अपनी ओर से कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते । यही बात क्षेत्रिय दलों के संबंध में भी समझी जा सकती है । […] Read more » भाजपा
राजनीति भाजपा को ही तोड़ लेना चाहिए जद यू से नाता February 10, 2013 / February 10, 2013 by बी.पी. गौतम | 2 Comments on भाजपा को ही तोड़ लेना चाहिए जद यू से नाता बीपी गौतम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आधार भारतीय जनता पार्टी है। बड़े घटकों में अकाली दल, शिवसेना और जद यू प्रमुख हैं। यहाँ ध्यान देने की प्रमुख बात यह है कि अकाली दल पंजाब से बाहर की बात नहीं करता, वैसे ही शिवसेना महाराष्ट्र तक सीमित रहती है। भाजपा के अंदरूनी मामलों में यह दोनों […] Read more » भाजपा को ही तोड़ लेना चाहिए जद यू से नाता
राजनीति दिल्ली से कुम्भ तक भाजपा के सियासी निहितार्थ February 10, 2013 by शिवानंद द्विवेदी | 1 Comment on दिल्ली से कुम्भ तक भाजपा के सियासी निहितार्थ सियासत में तमाम विविधताओं के बीच मुद्दों के प्रति संतुलन का होना बेहद जरूरी होता है ! फिलहाल मुद्दों को लेकर खीचतान की बजाय संतुलन की स्थिति बनाये रखने की कवायदें भाजपा द्वारा की जा रही हैं ! हाल के सियासी घटनाक्रमों में अगर भाजपा की सियासत के कुछ पहलुओं पर नजर डाली जाय तो […] Read more » दिल्ली से कुम्भ तक भाजपा के सियासी निहितार्थ
राजनीति सुशील कुमार शिन्दे के कहने का अर्थ – February 10, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 3 Comments on सुशील कुमार शिन्दे के कहने का अर्थ – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री दिल्ली विश्वविद्यालय के अति प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में श्रीराम वाणिज्य महाविद्यालय का नाम गिना जाता है । समय समय पर यह संस्थान अपने क्षेत्र में स्थापित व्यक्तियों को अपने यहां निमंत्रित करता है ताकि छात्रों के साथ सार्थक संवाद किया जा सके । राजनीति से जुड़े लोगों को इस प्रकार के […] Read more » सुशील कुमार शिन्दे के कहने का अर्थ -
राजनीति टेढ़ी खीर है अगले प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी February 6, 2013 / February 6, 2013 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on टेढ़ी खीर है अगले प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी तनवीर जाफ़री हमारे देश की संसदीय व्यवस्था के अनुसार संसद या विधानसभा में बहुमत से विजयी होकर आने वाले दल का नेता ही संसदीय दल या विधानमंडल दल का नेता माना जाता है तथा संसदीय या विधानमंडल दल द्वारा उसी निर्वाचित नेता को संसद में प्रधानमंत्री अथवा विधानसभा में मुख्यमंत्री के पद पर सुशोभित किया […] Read more » टेढ़ी खीर है अगले प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी
राजनीति भाजपा से ही है भाजपा की जंग February 6, 2013 by बी.पी. गौतम | Leave a Comment लोकसभा चुनाव फ़तेह करने की तैयारी में छोटे-बड़े सभी दल जुटे हुए हैं और सत्ता पाने की दिशा में अंदर ही अंदर रणनीति बना रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी चुनाव बाद सत्ता अपनी मानते हुए चुनाव की तैयारी करने की जगह प्रधानमंत्री चुनने की रणनीति पर काम कर रही है, इसलिए भाजपा की प्रतिद्वंदता […] Read more » भाजपा से ही है भाजपा की जंग
राजनीति हिंदू आतंकवाद ! – मा. गो. वैद्य February 6, 2013 / February 6, 2013 by मा. गो. वैद्य | 1 Comment on हिंदू आतंकवाद ! – मा. गो. वैद्य ‘हिंदू आतंकवाद’, ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे गैरजिम्मेदाराना शब्दों का प्रयोग करने के लिए गृहमंत्री शिंदे का निषेध करने वाला लेख मैंने गत भाष्य में ही लिखा था. फिर उस विषय की चर्चा का वैसे कोई प्रयोजन नहीं था. लेकिन, वह लेख लिखने के बाद उसी विषय पर के दो बहुत ही अच्छे लेख मैंने पढ़े. उन […] Read more » भगवा आतंकवाद हिंदू आतंकवाद
राजनीति लोकसभा चुनाव की बिसात तैयार January 31, 2013 / January 31, 2013 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बावजूद मुख्य दारोमदार कांग्रेस और भाजपा पर ही है। इसलिए इनकी हर गतिविधि पर देश-विदेश के राजनीतिक विश्लेषकों की गहरी नजर है। पिछले दिनों जयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ। इसमें औपचारिक विषय जो भी […] Read more » लोकसभा चुनाव
राजनीति चुनाव आयोग तोड़े धर्म और राजनीति की ‘सगाई’ January 31, 2013 / January 31, 2013 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on चुनाव आयोग तोड़े धर्म और राजनीति की ‘सगाई’ तनवीर जाफ़री हालाँकि भारत की पहचान विश्व के सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के रूप में बनी हुई है। परंतु इसके बावजूद इसी देश से जुड़ी कुछ ऐसी बुनियादी हक़ीक़तें भी हैं जिनसे इंकार नहीं किया जा सकता। हमारी पहचान ‘अनेकता में एकता’ रखने वाले राष्ट्र के रूप में तो ज़रूर है परंतु यह भी एक […] Read more »