महत्वपूर्ण लेख राजनीति वोटबैंक के खेल मे, राजा भैया जेल मे ? March 8, 2013 / March 8, 2013 by मुकेश चन्द्र मिश्र | Leave a Comment कुंडा (प्रतापगढ़) के डीएसपी की हत्या का जिस तरह से सांप्रदायिक करण करके इसमे राजा भैया को फंसाया जा रहा है उससे मुलायम और अखिलेश का दोगला चरित्र फिर से सामने है, और ये साबित करता है इन पिता पुत्र की जोड़ी को मुस्लिमो के वोटों से ज्यादा किसी की फिकर नहीं, वरना अपने ही […] Read more » राजा भैया
राजनीति मोदी बनाम सेकुलरिज़्म का घमासान March 8, 2013 by वासुदेव त्रिपाठी | Leave a Comment वासुदेव त्रिपाठी सेकुलरिज़्म शब्द भारतीय संविधान का जन्मजात हिस्सा नहीं है। सेकुलरिज़्म शब्द को 1976 में 42वें संशोधन के द्वारा संविधान में सम्मिलित किया गया था किन्तु अपने मूल अर्थ से अलग भारतीय स्वीकृति में सेकुलरिज़्म राज्य के लिए “सर्वधर्म समभाव” के आदर्श के रूप में ही ग्रहण किया गया था। कुछ हद तक संविधान […] Read more » धर्मनिरपेक्षता नरेंद्र मोदी सेकुलरिज्म
राजनीति मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार March 6, 2013 / March 6, 2013 by विकास कुमार गुप्ता | 1 Comment on मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार हालिया भाजपा की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति ने पीएम कुर्सी द्वंद्व के बादल और भी गहरे कर दिये हैं। बहुत समय से भाजपा में कद के लिए द्वंद्व जारी है। भाजपा के किले में वीरो का कभी अस्त्र प्रयोग तो कभी पोस्टर प्रयोग तो कभी अनुपस्थिति, उपस्थिति की गूढ़ विद्या तो […] Read more » मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार
राजनीति शख्सियत समाज मोदी को मुद्दे की तलाश March 5, 2013 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on मोदी को मुद्दे की तलाश डॉ. वेदप्रताप वैदिक प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा भाजपा अभी करे या न करे, उसके दिल्ली अधिवेशन ने मोदी के नाम पर मुहर लगा दी है| कोई अनहोनी हो जाए तो बात दूसरी है, वरना अब भाजपा में मोदी के नाम का विरोध करने की हिम्मत किसी की भी नहीं […] Read more »
राजनीति शख्सियत सबसे आगे मोदी March 5, 2013 / March 5, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक तरह से सर्वसम्मति से तय हो गया कि प्रधानमंत्री की दौड़ में नरेन्द्र मोदी सबसे आगे हैं। इसलिए उन्होंने मंच से 6 करोड़ गुजरातियों की बजाय सवा सौ करोड़ देशवासियों की बात की। साफ है, मोदी अवाम को बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक दृष्टि से नहीं देखेंगे। […] Read more »
राजनीति विविधा भारत में समाजवाद और आर्थिक-सामाजिक न्याय का सपना March 5, 2013 / March 5, 2013 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 2 Comments on भारत में समाजवाद और आर्थिक-सामाजिक न्याय का सपना ब्रिटिश सरकार ने भारत के देशी उद्योग धंधों को नष्ट कर दिया था| कच्चा माल ब्रिटेन जाता था और बदले में तैयार माल आता था| इस प्रकार देश का शासन विशुद्ध व्यापारिक ढंग से संचालित था| स्वतंत्रता के पश्चात देशवासियों को आशा बंधी थी कि रोजगार में वृद्धि से देश में खुशाहाली आएगी और देश […] Read more »
राजनीति राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ और राष्ट्र March 2, 2013 by डॉ. सौरभ मालवीय | 4 Comments on राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ और राष्ट्र डॉ. सौरभ मालवीय राष्ट्र, किसी भूभाग पर रहने वालो का भू भाग, भूसंस्कृति, उसभूमि का प्राकृतिक वैभव, उस भूमि पर रहने वालो के बीच श्रद्धा और प्रेम, उनकी समान परस्परा, समान सुखदुख, किन्ही अर्थों में भाषिक एकरूपता, दैशिक स्तरपर समान शत्रु मित्र आदि अनेक भावों का समेकित रूप होता है। यह भाव बाहर से सम्प्रेषित […] Read more » राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति भाजपा हिंदूवादी सोच बदलेगी तो वह भाजपा नहीं रह जायेगी! March 2, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on भाजपा हिंदूवादी सोच बदलेगी तो वह भाजपा नहीं रह जायेगी! इक़बाल हिंदुस्तानी मुलायम सिंह सीबीआई से बचने को कांग्रेस का साथ दे रहे हैं! सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि अगर भाजपा मुसलमान और कश्मीर आदि मुद्दों पर अपना नज़रिया बदल ले तो उससे सपा की दोस्ती हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और […] Read more »
राजनीति गंदे नालों से गुज़रती जिंदगी February 27, 2013 / February 27, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on गंदे नालों से गुज़रती जिंदगी कमाल अज़हर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दिए गए अपने भाषण में राजनीति से दूर केवल विकास की बातें करने के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि अब राजनीतिक दल युवा भारत की मानसिकता को समझने लगे हैं। जो धर्म और जाति की बजाए विकास का […] Read more »
राजनीति भाजपा ने शिंदे को झुका लिया लेकिन काटजू बयान पर क़ायम! February 23, 2013 / February 23, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on भाजपा ने शिंदे को झुका लिया लेकिन काटजू बयान पर क़ायम! इक़बाल हिंदुस्तानी राजनीतिक दल भी उदारता त्यागकर तानाशाह होते जा रहे हैं? गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कांग्रेस के जयपुर शिविर में आतंकवाद को धर्म से जोड़कर जो कुछ कहा था उससे उठा विवाद तभी शांत हुआ जब उन्होंने अपने इस बयान को यह कहकर वापस ले लिया कि उनको इस पर खेद है। शिंदे […] Read more » mr.katju
राजनीति काश! राजनेता भी गरीब होते February 19, 2013 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on काश! राजनेता भी गरीब होते मोहम्मद फहद इस्लामी समाज का वह व्यक्ति जिस के पास अपार दौलत हो और गरीबी नाम से दूर दूर तक वास्ता न हो वह क्या जानें गरीबी क्या होती हैं, उन्हें भुखमरी का एहसास भला कैसे होगा? दिल्ली और पटना जैसी राजधानियों के वातानुकूलित कमरों में चैन की नींद सोने वाले से गांव में बसे […] Read more »
राजनीति आतंक के पैरोकार February 16, 2013 / February 16, 2013 by वासुदेव त्रिपाठी | 2 Comments on आतंक के पैरोकार वासुदेव त्रिपाठी कल्पना करिए कि 2 मई 2011 को जब अमेरिका ने एक दशक के प्रयासों व संघर्ष के बाद अमेरिकी सम्मान के प्रतीक ‘वर्ल्ड ट्रेड टावर’ पर हमले के सूत्रधार ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में घुसकर मार गिराया था और जिस तरह से उसकी लाश को समुद्र में बहा दिया था, […] Read more » आतंकवाद