राजनीति क्या हैं राजनीति के गिरते स्तर के कारण? April 26, 2012 / April 26, 2012 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी ‘राज करने’ अथवा राज चलाने सम्बन्धी नीति को ही राजनीति कहा जाता है। लिहाज़ा स्पष्ट है कि राज करने या चलाने जैसी अति संवेदनशील एवं गम्भीर जिम्मेदारी को अंजाम देने के लिए इस पेशे में शामिल व्यक्ति को अत्याधिक योग्य, दक्ष, ईमानदार तथा कुशल नेतृत्व प्रदान कर पाने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति […] Read more » downfall in the standard of politics राजनीति के गिरते स्तर
राजनीति ऐसा क्या रिकार्ड कर लिया था शमून काजमी ने! April 26, 2012 / April 26, 2012 by तेजवानी गिरधर | 8 Comments on ऐसा क्या रिकार्ड कर लिया था शमून काजमी ने! तेजवानी गिरधर अन्ना से उसके कथित फाउंडर मेंबर मुफ्ती शमून काजमी की छुट्टी के साथ एक यक्ष प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि आखिर टीम की बैठक में ऐसा क्या अति गोपनीय हो रहा था, जिसे रिकार्ड करने की वजह से काजमी को बाहर होना पड़ा? मेरे एक सोशल नेटवर्किंग मित्र ऐतेजाद अहमद खान ने […] Read more » shamun kazmi and anna शमून काजमी
राजनीति राष्ट्रपति पद के चुनाव में किसका है पलड़ा भारी? April 24, 2012 / April 24, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 3 Comments on राष्ट्रपति पद के चुनाव में किसका है पलड़ा भारी? सिद्धार्थ शंकर गौतम देश काकैसा हो? अधिकाँश भारतीयों के मन-मस्तिष्क में यह सवाल कौंधता होगा? क्या राष्ट्रपति को मात्र रबर स्टाम्प जैसा होना चाहिए जैसा उदाहरण वर्तमान राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने पेश किया है| जिस प्रकार मीडिया में सोनिया गाँधी को मूक गुड़िया की संज्ञा दी जाती है, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को […] Read more » राष्ट्रपति पद के चुनाव
राजनीति कश्मीर : समस्या बनते समाधान April 24, 2012 / April 24, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment दिनेश परमार संसार में लोग कर्इ प्रकार के होते है। रंग-भेद की दृषिट से काले-गोरे,मानसिक दृषिट से मेधावी-मंदबुद्धि वाले,संस्कारों की दृषिट से सभ्य-असभ्य या और भी कोर्इ प्रकार हो सकता है। यह उनकी प्रकृति के अनुरुप ही तय होता है। ठीक उसी प्रकार इस माया के संसार में, जिसमें कोर्इ भी सत्य सर्वदा सत्य रहेगा […] Read more » kashmir issue कश्मीर समस्या
राजनीति क्या देश की सुरक्षा से क्रिकेट अधिक महत्वपूर्ण है ? April 24, 2012 by विनायक शर्मा | Leave a Comment विनायक शर्मा चुनावी वर्ष में हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सरकार और भाजपा को एक नए विवाद में उलझा लिया है. ताजा तरीन मामला है प्रदेश की राजधानी शिमला के को लेकर सेना और सरकार में छिड़ी जंग का. द्वितीय विश्व युद्ध से ही सेना के कब्जे में […] Read more » annadel maaidan अन्नाडेल मैदान
मीडिया राजनीति कुछ यूं उतर रही है अन्ना के आंदोलन की खुमारी April 23, 2012 / April 24, 2012 by आशीष महर्षि | 7 Comments on कुछ यूं उतर रही है अन्ना के आंदोलन की खुमारी आशीष महर्षि तेरे इश्क की खुमारी जब उतरी तो हम कहीं के न रहे। तेरे पे इकबाल करके हम कहीं के न रहे। तुने हमें किया बर्बाद तो हम कहीं के न रहे। ऐसा ही कुछ इनदिनों अन्ना के आंदोलन के साथ हो रहा है। जिस आंदोलन पर करोड़ों ने आंख बंद कर के विश्वास […] Read more » movement led by aanna अन्ना के आंदोलन
राजनीति क्या एकजुट रह पाएंगे अन्ना व बाबा! April 23, 2012 / April 23, 2012 by तेजवानी गिरधर | 9 Comments on क्या एकजुट रह पाएंगे अन्ना व बाबा! तेजवानी गिरधर कैसा अजब संयोग है कि आज जब कि देश में गठबंधन सरकारों का दौर चल रहा है, आंदोलन भी गठबंधन से चलाने की नौबत आ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और बाबा रामदेव सरकार से अलग-अलग लड़ कर देख चुके, मगर जब कामयाबी हाथ लगती नजर आई तो दोनों ने गठबंधन कर […] Read more » ramdev and anna hazare अन्ना व बाबा
राजनीति जनता की आवाज कब होगी बुलंद? April 22, 2012 / April 22, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment मंगलवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के उत्तरार्द्ध के हंगामेदार रहने की प्रबल संभावनाएं हैं| यानी बजट सत्र के पूर्वार्द्ध की भांति जनहित के मुद्दों को बिसरा कर तमाम राजनीतिक दल सियासी रोटियाँ सेंकने की तैयारियां कर चुके हैं| वैसे भी बजट सत्र के पहले भाग में तेलंगाना, एनसीटीसी एवं अन्य मुद्दों इतने हावी […] Read more » voice raise aginst corruption जनता की आवाज कब होगी बुलंद
राजनीति यूपीः‘कुटुम्बजनों-चाचाओं’ से घिरा युवा सीएम April 21, 2012 / April 21, 2012 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में 18 अप्रैल 2012 का दिन विशेष रहा। इस दिन प्रदेश की कुछ अलग ही तस्वीर देखने को मिली। विभिन्न समाचार पत्रों के प्रथम पृष्ठ को मात्र पांच बड़ी खबरों ने कवर कर लिया।इसमें से चार खबरों का नाता अपराध की दुनिया से था तो एक खबर युवा मुख्यमंत्री के जनता […] Read more » यूपीः‘कुटुम्बजनों-चाचाओं’ से घिरा युवा सीएम
राजनीति यह तो होना ही था April 21, 2012 / April 21, 2012 by विनायक शर्मा | Leave a Comment विनायक शर्मा दिल्ली नगरनिगम चुनाव में हार का सामना करने वाले काग्रेसी पार्षदों ने हार का ठीकरा मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सिर फोड़ा है. दुनिया की दूसरी तथा देश की सबसे बड़ी स्थानीय निकाय दिल्ली नगर निगम को शीला दीक्षित ने जिस हठधर्मिता से तीन हिस्सों में विधान सभा की ताकत के जरिये विभाजित करवाया, […] Read more » दिल्ली नगरनिगम चुनाव मुख्यमंत्री शीला दीक्षित
राजनीति मुस्लिमों पर मेहरबान यूपी सरकार April 21, 2012 / April 21, 2012 by संजय सक्सेना | 2 Comments on मुस्लिमों पर मेहरबान यूपी सरकार संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार बनते ही काम का एक अलग कल्चर नजर आने लगा है।फैसले प्रदेश की जनता को ध्यान में रखने की बजाए कौमों को खुश करने के लिए जा रहे हैं।सब कुछ राजनीति के चश्में से देखा जा रहा है।बात प्रदेश की जनता की नहीं कौमों की हो रही है।अगर […] Read more » मुस्लिमों पर मेहरबान मुस्लिमों पर मेहरबान यूपी सरकार यूपी सरकार
राजनीति मनमोहन सरकार अपने निकम्मेपन को स्वीकारना सीखे April 21, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on मनमोहन सरकार अपने निकम्मेपन को स्वीकारना सीखे सिद्धार्थ शंकर गौतम संसद सत्र से ठीक पहले वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मनमोहन सिंह सरकार की कमजोरियों को उजागर करते हुए २०१४ के बाद आर्थिक सुधार होने बाबत बयान दिया; उससे कांग्रेस और सरकार दोनों भौचक हैं| बसु का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब […] Read more » मनमोहन सिंह यूपीए