लेखक परिचय

निर्मल रानी

निर्मल रानी

अंबाला की रहनेवाली निर्मल रानी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं, पिछले पंद्रह सालों से विभिन्न अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र पत्रकार एवं टिप्पणीकार के तौर पर लेखन कर रही हैं...

न्यू इंडिया का सपना और ज़हरीले खाद्य पदार्थों का धंधा ?

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 निर्मल रानी –     इसमें कोई संदेह नहीं कि खान-पान को लेकर आम आदमी का रुझान शाकाहार की ओर बढ़ता जा रहा है।स्वास्थ्य के प्रति सजग व्यक्ति दूध,फल व हरी सब्जि़यों की ओर आकर्षित हो रहा है। बाज़ार में भी एक से बढक़र एक आकर्षक व लुभावने फल व सब्जि़यां बिकते दिखाई दे रहे हैं। इतने… Read more »

एक बिहारी- सब पर भारी: कल्पना कुमारी

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हमारे देश में महिलाओं को लेकर समाज में पाया जाने वाला दोहरापन किसी से छुपा नहीं है। यह वही भारत महान है जहां कन्याओं की पूजा का प्रदर्शन किया जाता है,अनेक देवियों की पूजा होती है,उनके नाम पर कई व्रत रखे जाते हैं और अक्सर लोग ‘जय माता दी’ के उद्घोष करते हुए भी सुनाई… Read more »



जनता का सिरदर्द बनते अनियोजित कार्य

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निर्मल रानी गत् दो दशकों से देश में विकास कार्यों की मानो बाढ़ सी आई हुई है। देश में प्रतिदिन नई सडक़ों का निर्माण हो रहा है, नई रेल लाईनें बिछाई जा रही हैं, सेतु तथा ऊपरगामी पुल बनाए जा रहे हैं। उपमार्गों व भूमिगत मार्गों के  निर्माण भी हो रहे हैं ।अनेकानेक नए सरकारी… Read more »

 हमारी नियति: हादसे और मुआवज़े?

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निर्मल रानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में पिछले दिनों एक बड़ा हादसा दरपेश आया। लगभग 1700 मीटर लंबे निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर बीम चढ़ाने व उसके एलाईनमेंट के दौरान हुए हादसे में 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार जिस समय वाराणसी कैंट तथा लहरतारा के मध्य बन रहे… Read more »

मगर ‘राक्षसी कृत्य’ समर्थक इस भीड़ का क्या करेंगे?

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निर्मल रानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायतों के एक सम्मेलन  को संबोधित करते हुए देश में महिलाओं व बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार तथा उनके शारीरिक शोषण व बलात्कार जैसी घृणित घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। पहले भी प्रधानमंत्री इस विषय पर अपने यह उद्गार व्यक्त कर चुके हैं… Read more »

तो क्या ऐसे बचेंगी बेटियां? 

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निर्मल रानी हमारे देश में नवरात्रि के दौरान व्रत तथा पूजा-पाठ आदि धर्म एवं भक्ति का ऐसा पावन दृश्य  देखने को मिलता है मानो इस देश से बड़े धर्मपरायण,सदाचारी तथा चरित्रवान लोग दुनिया के किसी दूसरे देश में रहते ही न हों। नेता,अभिनेता,अदालतें,सेना,पुलिस,मीडिया तथा धर्मगुरू आदि सभी महिलाओं के पक्ष में अपनी टिप्पणियां करते तथा… Read more »

बेलगाम ध्वनि प्रदूषण:नियंत्रण ज़रूरी

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निर्मल रानी हमारे देश में आम जनता स्वतंत्रता को कुछ अपने ही तरीके से परिभाषित करने में लगी रहती है। आज़ादी का अर्थ पराधीनता से छुटकारा और मानसिक,सामाजिक तथा राजनैतिक स्वतंत्रता के बजाए कुछ इस तरह समझा जाता है गोया हम इस कद्र आज़ाद हैं कि जब और जहां चाहें जो चाहें वह कर सकते… Read more »

बलात्कार : भारतीय समाज का कलंक

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निर्मल रानी हम भारतवासी कभी-कभी तो स्वयं को अत्यंत सांस्कृतिकवादी,राष्ट्रवादी,अति स य,सुशील,ज्ञान-वान,कोमल तथा योग्य बताने की हदें पार करने लग जाते हैं और स्वयं को गौरवान्वित होता हुआ भी महसूस करने लगते हैं। परंतु आडंबर और दिखावा तो लगता है हमारी नस-नस में समा चुका है। अन्यथा क्या वजह है कि जिन स्त्रीरूपी देवियों के… Read more »

वायु प्रदूषण : हम ही हैं कातिल, मकतूल व् मुंसिफ़?

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निर्मल रानी उत्तर भारत का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों प्रदूषण युक्त घने कोहरे से ढका हुआ है। इसके परिणामस्वरूप देश के कई क्षेत्रों से भीषण सडक़ दुर्घटनाओं के समाचार मिल रहे हैं। अनेक रेलगाडिय़ों के अनिश्चितकाल देरी से चलने की खबरें हैं। शहरों में ट्रैिफक जाम के समाचार आ रहे हैं तथा पंजाब के… Read more »

महिला विरोधी सामाजिक कुप्रथा का अंत

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निर्मल रानी देश की सर्वाेच्च अदालत ने पिछले दिनों मुस्लिम पंथ से जुड़े एक वर्ग में प्रचलित तिहरे तलाक से पीडि़त एक महिला सायरा बानो द्वारा अपने तलाक के विरुद्ध दायर की गई याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए इस परंपरा को असंवैधानिक करार दे दिया। चूंकि यह विषय धर्म विशेष से जुड़ा हुआ माना… Read more »