चुनाव की तराजू में तुल रहे है वोट,धर्म जाति के पुराने बटटो से |

चुनाव की तराजू में तुल रहे है वोट,धर्म जाति के पुराने बटटो से |
इससे भी जब काम न चलेगा,तब ये नेता तोलेगे अपने लठ्ठो से ||

किसका पलड़ा हल्का भारी होगा,ये तो समय ही सबको बतायेगा |
जब खुलेगे ई वी एम के ताले, सबको परिणाम पता लग जायेगा ||

मतदाता भी चुपचाप है ,वे भी अपने मन की बात नहीं बताते है |
जो नेता उनके घर आ जाता , उसकी हाँ में हाँ वे सब मिलाते है ||

कर रहे सारे नेता झूठे वादे ,मतदाताओं को खूब लुभाने को |
वह भी अब समझदार हो गया ,समझ रहा है अंदरखाने को ||

कर रहे है सब नेता रोड शो,अपनी पूरी ताकत दिखने को |
पर कोई नेता तैयार नहीं है उस रोड को अच्छी बनाने को ||

लगे है चारो तरफ बैनर झंडियाँ,यह सब वोटर को दिखाने को |
हमारे पास कितना पैसा है यह सब कुछ वोटर को दर्शाने को ||

कोई दे रहा है बहात्तर हजार कोई कह रहा कर्ज माफ़ करने को |
कोई कह रहा देश का विकास करूंगा कोई उसकी रक्षा करने को ||

आर के रस्तोगी

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