लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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successउसका किसी से

कोई बैर नहीं

जो उससे बैर करे

उसकी फिर खैर नहीं

जो भी करे वह

उसमें कोई शोर नहीं

पुलिस अगर तफ्तीश करे भी

मिले कोई डोर नहीं

सुबह देर तक सोता है

रात में काम सब करता है

बड़े गाड़ियों में घूमता है

जब चाहे उड़ता है

कपड़े  सफ़ेद  पहनता है

कारनामे  अनेक  करता है

अच्छों के  मुंह  पर

गाली बकता है

न जाने और क्या-क्या करता है

ऐसे शख्स के बारे में

और बताएं क्या

आप जैसे समझदारों को

और समझाएं क्या ?

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