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    Homeसाहित्‍यकविताविभिन्न पत्नियों के विभिन्न वार्तालाप अपने पतियों से

    विभिन्न पत्नियों के विभिन्न वार्तालाप अपने पतियों से

    पायलट की पत्नी बोली अपने पति से,
    ज्यादा हवा में मत उडो,
    मै तुम्हे तो ही उड़ा दूंगी
    ज्यादा तीन दो पांच मत करो
    तुम्हे तो मुंह से सीटी बजाकर
    हवा में उड़ा दूंगी।

    अध्यापक की पत्नी बोली
    मुझे ज्यादा मत पढ़ाओ,
    मै तो पढ़ी पढ़ाई आईं हूं
    तुम जैसे मास्टरों की तो
    हेड मास्टरनी बनकर आई हूं।

    पेंटर की बीबी बोली
    ज्यादा रंग मत घोल।
    मुझसे ठीक ठीक बोल
    वरना इन्हीं रंगो से
    तेरा थोबड़ा रंग दूंगी।

    धोबी की बीबी बोली
    जा जा अपने घाट पर जा
    इधर तू जरा भी नहीं आ
    अगर आ गया तू इधर
    तुझे जड़ से ही धो दूंगी।

    नाटक करने वाले की बोली
    इधर ज्यादा नाटक मत कर
    करना है तो स्टेज पर कर
    अगर यहां नाटक किया तो
    तेरा ही नाटक बना दूंगी।

    डेंटिस्ट की बीबी बोली,
    अपनी डाक्टरी मत दिखा
    और अपनी बतिसी मत दिखा
    नहीं तो तेरी बातिसी निकाल
    तेरे हाथ में हाथ में दे दूंगी।

    सी ए की बीबी बोली
    मुझसे ज्यादा हिसाब मत कर
    तेरा प्रोफिट एंड लोस बना
    तेरी बैलेंस सीट बना दूंगी।

    आर्किटेक्ट की बीबी बोली
    ढंग से रहो मेरे तुम साथ
    वरना इन्हीं पैमाने पेंसिल से
    तेरे मुंह पर नक्शा बना दूंगी।

    बिल्डर की बीबी बोली
    अपनी तू औकात में रह
    नहीं तो लेबर के सामने ही
    तेरी ईट से ईट बजा दूंगी।

    आर के रस्तोगी

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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