ड्रेनेज संबंधी वास्तु सिद्धांत एवं वास्तुदोष निवारण

ड्रेनेज – मकान से पानी की निकासी को ड्रेनेज कहा जाता है। मकान में परनाला (ड्रेनेज पाइप) उचित स्थान में बनाना बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है क्योंकि प्रयोग किए गए पानी का ठहराव घर में सीलन उत्पन्न करता है और रोग का कारण बनता है। इसलिए घर बनाते समय ड्रेनेज लाइन बहुत ही व्यवस्थित तरीके से सही दिशा में बनानी चाहिए। यदि नगर निगम की पहले से ड्रेनेज लाइन है तो उसे सही ढाल से जोड़ना उचित होता है अन्यथा ड्रेनेज लाइन बनाने पर विचार किया जाना चाहिए परंतु पाइप लाइन उचित मार्ग की दिशा पर ही आधारित होगीः-

1. उत्तरोन्मुख मकान में ड्रेनेज उत्तर में उत्तर-पूर्व की ओर बनाएं।

2. पश्चिम दिशा की ओर वाले मकान में पश्चिम की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में ड्रेनेज बनवाएं।

3. पूर्व दिशा की ओर वाले मकान में ड्रेनेज पाइप उत्तर पूर्व में पूर्व दिशा में सही माना जाता है।

4. दक्षिण दिशा की ओर मुख वाले दक्षिण पूर्व में दक्षिण की ओर ड्रेनेज बनाएं।

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