शाम से ही बस तेरी याद आने लगती है

आर के रस्तोगी

शाम से ही बस तेरी याद आने लगती है |
दिल से एक ही आवाज आने लगती है ||

होगा मिलन जब ये चाँदनी रात आयेगी |
बाते करते करते सारी रात कट जायेगी ||

होगी सुबह,जब सूर्य की किरण जगायेगी |
मस्ती भरी आँखों में तेरी ही याद आयेगी || 

चाहती हूँ बस इस  तरह सारी उम्र कट जाये |
मेरी ये सारी जिन्दगी तेरी बाहों में कट जाये ||

उठे भी जनाजा मेरा, बस तेरे ही दर से |
सुहागन बन कर जाऊ बस तेरे ही घर से ||

करती हूँ दुआ लिखा हो ये सब मेरे कर्म में |
बार बार मिलन हो मेरा तुझसे हर जन्म में ||

लिखता है रस्तोगी,उसको ये सब मिल जाये |
मेरा ये संदेशा उसके पास अवश्य पहुँच जाये || 


आर के रस्तोगी 
मो 9971006425

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