घोटाले का जिन्न

mayawatiबचपन में एक टीवी सीरियल बहुत देखते थे. उस सीरियल को काफी लोग पंसद भी करते थे. जादूवी कहानी का वो नाटक जिसका नाम अलिफ लैला था. इस सीरियल में जिन्नों का किरदार काफी अहम रहता था. मजा तो जब आता था जब किसी जिन्न को चिराग रगड़कर या बोतल खोलकर आजाद करते थे. और हड़कम्प मच जाता था.

ऐसा ही कुछ हाल हमारे देश का है. देश बन गया अलिफ लैला नाटक और घोटाला एक जिन्न. जो वर्षों से बंद रहता है. अचानक बाहर निकल कर आता है और चारों तरफ हड़कम्प मचा देता है. देश में घोटाले का जिन्न रह रहकर चिराग से बाहर निकलता रहता है.
अभी हाल में अपने को ईमानदार पार्टी बताने वाली आम आदमी पार्टी पर प्याज घोटाले का कथित तौर पर आरोप लगा है. जिसे देखते हुए पार्टी ने अपने बचाव में आज तक के खिलाफ पूरे पेज का विज्ञापन अखबारों को दे दिया. जिसमें शायद करोड़ो का खर्चा हुआ होगा.

ये आरोप आप की काफी फजीहत खड़ी कर सकती है. मामले को एक दिन ही बीता था कि किसी ने जैसे चिराग को फिर रगड़ दिया. जिन्न फिर से बाहर निकल आया. ये 4 साल पहले निकला था. और फिर से चिराग में कैद हो गया था.

ये घोटाला यूपी के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का है. चार साल पहले हुआ करोड़ो का ये घोटाले का में नया मोड़ आ गया. जब खबरों की दुनिया में ये पता चला कि उस समय मुख्यमंत्री रही बसपा सुप्रीमों मायावती से  इस घोटाले के बारे में सीबीआई पूछतांछ करेगी.

जिसपर मायावती ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होने कहा   4 साल से शांत इस मामले में अचानक फिर से सीबीआई आ गई. बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बदले की भावनाओं के साथ उनके खिलाफ काम कर रही है. सीबीआई का गलत इस्तेमाल उनके खिलाफ किया जा रहा है.

मायावती का कहना उनका इस घोटाले से कोई लेना देना नही है. जब ये घोटाला हुआ था उस समय आप के प्रदेश के मुखिया थे. चलो मान लेते हैं. लेकिन दूसरों पर फिर क्यों आरोप लगाते है. आज उत्तर प्रदेश में कुछ होता है तो अखिलेश यादव और सपा सरकार को घेरने में कोई कसर नही छोड़ते. सीबीआई पूछतांछ करे या कोई और अगर आप पाक साफ है तो क्या हिचकिचाना?

देश में घोटाले का नाम इतना हो गया है कि अब कोई फर्क नही पड़ता. अक्सर अखबार और खबरिया चैनल की सुर्खियां ये घोटाले के जिन्न बनते रहते है. देश के लोग जैसे आदी हो गए है सुनने को आज ये घोटाला तो कल वो. अब तो घोटालों के नाम भी याद नही रहते. सब घोटालों की जांच चल रही है. और इस देश में चलती रहेगी.

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लगातार होता जा रहा, घोटाले के ऊपर घोटाला.

रवि श्रीवास्तव

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