गज़ल ; जंग लगे हथियारों में – सत्येंद्र गुप्ता

जंग लगे हथियारों में अब नई धार लगानी है

नये अंदाज़ में वन्दे-मातरम की आवाज़ सुनानी है।

नहीं खेलने देंगे किसी को हम अपने सम्मान से

भ्रष्टाचार की होली भी तो हमको ही जलानी है।

सशक्त और समर्द्ध राष्ट्र अपना हमें बनाना है

इसके लिए हम को कोई नई चाल अपनानी है।

घोटालों का ताना बाना न कोई भी बुन पायेगा

सिरफिरे लोगों को यह बात हमें समझानी है।

हाथ उठाकर शपथ लेते हैं, वोट जरूर डालेंगे

हर हालत में देश की लाज हमको बचानी है।

 

क़दर करेंगे हम अपने भारत राष्ट्र महान की

जान लुटा देंगे, खातिर हम अपने स्वाभिमान की।

सारे जहां में जय जय होवे मेरे हिन्दुस्तान की

आओ मिलकर शपथ लें हम सब मतदान की।

सूरज चमकता रहे देश में सदा ही विकास का

रश्मियाँ फैलें चारों ओर मत के अभियान की

निर्भय हो मतदान करें जन जन को यह ज्ञान दें

रक्षा करनी है हमको अपने मान सम्मान की।

शत प्रतिशत मतदान हो दिल में यही चाह रहे

ताक़त हमको देखनी है शत प्रतिशत मतदान की।

 

 

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