हिंदुस्तान में हिंदी का हाल व भविष्य

मेरे देश में मेरा ही बुरा हाल है
विदेशी भाषा पर ठोकते  ताल है
मेरे देश में मेरा ही सम्मान नहीं
फिर विदेशो में मेरा क्या होगा ?
जब अपने ही बोलने में कतराते है
विदेशी मुझको क्यों अब बोलेगा ?
इंगलिश स्कूलों की भरमार यहाँ
हिंदी स्कूलों का क्या यहाँ होगा ?
अगर  ऐसा चलता रहा इस देश में
फिर हिंदी का नामो निशान न होगा

हिंदी भाषा का अन्धकार यहाँ
अंग्रेजी भाषा का उजियारा है
इंगलिश जहाँ गर्व से बोलते है
हिंदी का होगा बन्टाधार वहाँ
अंग्रेज चले गये इस देश से
फिर भी अंग्रेजी के गुलाम यहाँ
कब तक इसकी गुलामी सहोगे ?
इस प्रश्न का उत्तर दे कोई यहाँ

एक प्रश्न पूछता हूँ देश वासियों से
क्या कोई तुम्हारी अपनी भाषा नहीं ?
फिर विदेशी भाषा क्यों बोलते हो ?
क्या अपनी भाषा पर विश्वास नहीं
कैसे हिंदी का प्रसार होगा इस देश में
साल में 15 दिन प्रसार करते हो तुम
इससे हिंदी का प्रसार कभी होगा नहीं
इस बात को समझ लो अब सब तुम

अंग्रेजो का बहिष्कार किया था तुमने
अंग्रेजी का बहिष्कार करते नही तुम
क्या अपनी राष्ट भाषा से प्यार नहीं
दूसरी भाषाओ से प्यार करते हो तुम
आओ आज सब मिलकर प्रण करे हम
हिंदी भाषा में अपना काज काज करेगें
दूसरी भाषाओ का बहिष्कार करेगें हम
अपनी भाषा को ही अपनायेगे अब हम

आर के रस्तोगी  

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