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    Homeसाहित्‍यकविताकैसे मनाऊं मै आज ये होली

    कैसे मनाऊं मै आज ये होली

    कैसे मनाऊं मै आज ये होली,
    रंग कर रहे हैं आज ठिठोली।

    सीमा पर जो सैनिक शहीद हुए हैं,
    तिरंगा ओढ़ कर जो घर आए हैं।
    केसरिया सफेद या हरा रंग चढ़ाऊं
    प्राणों की आहुति देकर जो आए है।
    अब भी बोल रहे है भारत मां की बोली,
    कैसे मनाऊं मै आज ये होली,
    रंग कर रहे है आज ठिठोली।।

    शहीदों की प्रतिमा जहा लगी हुई है,
    धूल उन पर काफी जमी हुई है।
    करता नहीं कोई उनको साफ जाकर,
    अबीर लगाता नहीं कोई उनको जाकर।
    पहनाता नहीं कोई फूलों की मोली
    कैसे मनाऊं मै आज ये होली,
    रंग कर रहे हैं आज ठिठोली।।

    नेता राजनीति के रंग खेल रहे हैं,
    अपनी अपनी सब वे पेल रहे हैं।
    करते हैं वे नित्य नये घोटाले,
    अपनी जेबें वे खूब भर रहे हैं।
    लुट रही हैं जनता भोली भाली,
    कैसे मनाऊं मै आज ये होली,
    रंग कर रहे हैं आज ठिठोली।।

    कोरोना कठिन दौर चल रहा है,
    हर प्राणी उसको झेल रहा है।
    फिर भी मास्क नहीं पहन रहा है,
    मुख खोले हर जगह घूम रहा है।
    कर रहा है अपने आप ठिठोली,
    कैसे मनाऊं मै आज ये होली।
    रंग कर रहे हैं आज ठिठोली।।

    अब तो रंग मुझे फीके लगते हैं,
    दिवाली के दीये भी बुझे लगते हैं।
    कहीं रहा नहीं अब प्रेम उल्लास,
    होली के रंगो में न रहा मिठास।
    बेकार हो गई है रंगो की होली,
    कैसे मनाऊं मै आज ये होली
    रंग कर रहे हैं आज ये ठिठोली।।

    आर के रस्तोगी

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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