बिन ताले के अपने आप को बन्द किए हुए है

घर मे अपने आप को बंद किए हुए है |

बिन ताले के अपने को बंद किए हुए है ||

लगता नहीं दिल अपने घर मे |

मन मे अनेकों द्व्न्द उठे हुए है ||

खालीपन मे कविता बाजी करते करते |

जो रस अलंकार और छ्ंद लिए हुए है ||

नर्स डॉक्टर घर से बनवास हुए है |

फल फूल कन्द से उपवास हुए है ||

जो नेता राजनीति मे सक्रिय हुए है |

कितने घोटालो मे वे बंद हुए है ||

जो नेता करते थे खाली बयानबाजी |

अब उनके मुह क्यो बंद हुए है ||

कब खुलेगा ये लोक डाउन भैया ?

ये सबके मन मे प्रश्न उठे हुये है ||

पड़ रहे रोजी रोटी के लाले |

क्योकि सारे उधोग बंद हुए है ||

भेज रहा है चाइना रद्दी माल |

इससे उसके व्यापार बंद हुए है ||

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