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    Homeसाहित्‍यकवितामन ने तेरा व्रत लिया !

    मन ने तेरा व्रत लिया !

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    जिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ !
    उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ !!
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    हम ये सीखें चाँद से, होता है क्या प्यार !
    कुछ कमियों के दाग से, टूटे न ऐतबार !!
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    मन ने तेरा व्रत लिया, हुई चांदनी शाम !
    साथी मैंने कर दिया, सब कुछ तेरे नाम !!
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    मन में तेरा प्यार है, आँखों में तस्वीर !
    हर लम्हें में है छुपी, बस तेरी तासीर !
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    अब तो मेरी कलम भी, करती तुमसे प्यार !
    नाम तुम्हारा ही लिखे, कागज़ पर हर बार !
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    मन चातक ने है रखा, साथी यूँ उपवास !
    बुझे न तेरे बिन परी, अब सौरभ की प्यास!!
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    तुम राधा, मेरी बनो, मुझको कान्हा जान !
    दुनिया सारी छोड़कर, धर लें बस ये ध्यान !!
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    मेरे गीतों मैं बसी, बनकर तुम संगीत !
    टूटा हुआ सितार हूँ, बिना तुम्हारे मीत !!
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    माने कब हैं प्यार ने, ऊँच-नीच के पाश !
    झुकता सदा ज़मीन पर, सज़दे में आकाश !!

    डॉ. सत्यवान सौरभ
    डॉ. सत्यवान सौरभ
    रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

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