लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

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             एल आर गांधी

बहुत जल्द भारत चीन  को जनसँख्या में पछाड़  देगा  ....  क्रिसमस पर अबकि
बार मैरी किसमस नहीं 'मेक मैनी बेबीज़ ' की प्रेयर की जायगी  . केरल चर्च
ने   इसकी शुरुआत कर दी  है  .कैथोलिक चर्च ने यह कदम ईसाई समुदाय को
मुसलमानो के  संख्या बल से बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए उठाया  है।
ईसाई धर्म में अबॉर्शन वर्जित है  पिछले एक दशक से बड़े परिवार पर जोर
दिया जा रहा है और अब चार या अधिक बच्चे  पैदा  वाले दम्पत्तियों को
प्रोत्साहित किया जाता  है।  पादरियों द्वारा  अपने अपने इलाकों में
प्रचारक दल गठित कर अपनी जनशक्ति बढ़ाने का प्रचार  किया जा रहा है।  केरल
में ईसाई आबादी १९% है  मगर ईसाईयों की पारिवारिक जन्म दर १.२ है और
हिंदुओं व् मुस्लिमों की क्रमश १.८ और २.३ है
          केरल  महिला व् बाल अधिकार कल्याण आयोग जिसकी अध्यक्षता
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश वी आर कृष्णा अय्यर कर रहे थे ,  ने
२०११ में सुझाव दिया कि २ से अधिक बच्चों वाले परिवारों को सरकारी
सुविधाओं से वंचित किया जाए और परिवार नियोजन का विरोध करने वालों   को
तीन माह की जेल। ईसाईयों और मुसलमानो ने इसका जोर दार विरोध किया  . देश
की विकराल बढ़ती आबादी की सेहत की देखभाल के ज़िम्मेदार मंत्री जनाब गुलाम
नबी आज़ाद फ़ौरन केरल पहुंचे और  अपनी  सैकुलर सरकार को डांटा ! बाल व्
महिला  कल्याण  आयोग के सुझावों को नाक से पोलिओ ड्राप पिला कर सदा के
लिए सुला दिया गया

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