लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

रिवर्स बोरिंग – विपरीत वेधन  ……. प्रदूषण का विकराल रूप

Posted On & filed under विविधा.

कुंठित लोग विपरीत वेधन से आने वाली पीढ़ियों के लिए गहरी-कब्रें  खोदने में व्यस्त हैं और भ्रष्ट व्यवस्था इन कब्रों पर अपनी  सुनहरी अट्टालिकाएं खड़ी  करने में मद -मस्त ! जिस वैज्ञानिक खोज को जन जन के लिए प्राणदायी जल पृथ्वी का सीना चीर प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है उसी को आज  कुछ… Read more »

वाह ताज 

Posted On & filed under व्यंग्य.

वाह ताज  ….. एक शहंशाह का श्वान प्रेम ! ….  ताज पर तकरार जारी। .. इक शहंशाह ने बनवा के हसीन ताज महल हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक  ….. प्यार की निशानी  ! ….. कैसा प्यार  ! …… जिसे पाने के लिए , उसके शौहर को क़त्ल करवाया ? फिर जा के… Read more »



साडी रसोई १०/- और सादी रसोई ५/- में …….

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

पंजाब दे कैप्टन उर्फ़ महाराजा साहेब अर्थात सदर ऐ रियासत ने पंजाब के गरीबों को भरपेट भोजन देने का वायदा किया था और वह भी महज़ ५ रुप्प्या में ….. जब सदर ने रियासत की जेब टटोली तो राजकुमार की जेब की मानिंद ‘फटी ‘ हुई निकली …… एक जद्दी एडवाइज़र को बुलाया …. हल… Read more »

नींद क्यों रात भर नहीं आती

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

ड़ोस में नई नई उसारी गई मस्जिदों से लाउड स्पीकरों से ‘आज़ान ‘ अल्लाहो अकबर के कर्कश आगाज़ से जगा देती है ….. पी जी आई के सबसे बड़े ख्याति प्राप्त न्यूरो डाक्टर हैरान हैं …..
कि यह शख्स सोता क्यों नहीं ….. इस बार तो डाक्टर साहेब ने दुखी हो कर मेरा केस ‘पागलों ‘के
एक्सपर्ट को रैफर कर दिया है …. मैं सोचता हूँ ‘वह ‘ भी क्या करेगा ….. फिर से ग़ालिब की याद ! …… मौत का एक दिन मय्यन है …नींद क्यों रात भर नहीं आती।

निज़ाम-ए मुस्तफा

Posted On & filed under व्यंग्य.

बापू की एक और इच्छा थी ,,,,वे कहते थे जब मेरा काम यहाँ पूरा हो जायेगा मैं पाक चला जाऊंगा। बापू की अधूरी इच्छा को पूरा करना अब गाँधी भक्त कांग्रेसियो और अफ़ज़ल गैंग के आज़ादी परस्त छात्रों और उनको उकसाने वाले बुद्धिजीवी अवार्डवापसी गैंग का है पाक जाएं और

अपने आकाओं की बिरियानी का हक़ अदा करें और निज़ाम-ए मुस्तफा कायम करने में अपना योगदान दें !!!!

पप्पू गिरी

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

खबरियों के लिए खबर थी और मनचलों के लिए सेल्फी लेने का एक मौका पप्पू महज़ ४००० हज़ार के गाँधी बैंक में बदलने जा पहुंचे ….. गाड़ियों का काफिला और अनगिनत अंग रक्षक साथ में पप्पू के पप्पियों की फौज ,ऊपर से खबरियों का झुण्ड – मधुमखियों की भांति पप्पू पर मंडरा रहा था …..
पप्पू इतरा रहे थे ….मैं इन लोगों के लिए लाइन में लगा हूँ ….. मोदी के सताए हुए हैं ये सब।

बेचारा गाँधी

Posted On & filed under व्यंग्य.

  एल आर गाँधी यकायक ५०० -१००० के गाँधी पर बैन लगा कर माया-मुलायमों और नकली गान्धिओं को तो मोदी ने एक ही झटके में हलाल कर दिया ! झटका तो इस बेचारे असली गाँधी को भी लगा और झटका देने वाली कोई और नहीं हमारी अर्धाङ्गिनी जी ही थीं। माचिस की डिबिया खरीदने के… Read more »

खान मियां का ‘हलाल -हलाला ‘

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

मुस्लिम देशों में ऐसी वहशीता का बहुत प्रचलन है ….. और सुविधा के अनुरूप ही सज़ा या मज़ा का चलन है। अफगानिस्तान में एक सैनिक ने एक गधे के साथ पशुगमन किया। उसे महज़ चार दिन कैद की सज़ा मिली और छूट गया। हमारे पडोसी देश ‘पाक ‘ के पश्चिमी पंजाब ,खैबर ,पख्तूनवा ,बलोचिस्तान आदि में पशुगमन का आंम प्रचलन है ……..

वाह मियां …. वाह सरदार जान मोहम्मद खिलजी

Posted On & filed under व्यंग्य, साहित्‍य.

एल आर गांधी क्वेटा ,पकिस्तान के मियां जी ….. ४६ वर्षीय सरदार जान मोहम्मद खिलजी तीन बीवियों से ३५ बच्चे पैदा कर अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर हैं। उनका उदेश्य १०० बच्चे बनाने का है। शीघ्र ही मियां जी चौथी बीवी लाने जा रहे हैं ताकि अल्लाह के हुकम की तामील एक सच्चे मुसलमान की… Read more »

क्या वीआईपी की गाड़ी प्रदूषण नहीं फैलाती

Posted On & filed under व्यंग्य.

सही पकड़े है। क्या वीआईपी की गाड़ी प्रदूषण नहीं फैलाती, सबसे ज़्यादा प्रदूषण तो अति -विशिष्ट बिरादरी ही फैलाती है जी ! जीजा जी से ज्यादा कौन जानता है ! उनसे ज़्यादा वीआईपी के मज़े किसने लुटे हैं जी ! जीजा जी ! बोले तो ! रॉबर्ट जी वाड्रा ने फ़रमाया है कि आड -इवन… Read more »