कोरोना वायरस पर जीत का आधार है संयम और संकल्प

कोरोना लैटिन शब्द है जिसका तात्पर्य  होता है मुकुट (क्राउन)। कोरोना वायरस की सतह पर भी मुकुट की तरह बालों (स्पाइक्स) की सीरीज बनी होती है।यहीं से इसे कोरोना नाम मिला है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन  ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है। कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा होता है । कोरोना का संक्रमण दुनियाभर में तेजी से फ़ैल रहा है।

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या होती है ।  कोरोना  वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान शहर  में शुरू हुआ था। इससे पहले  कोरोना वायरस का संक्रमण  पहले कभी नहीं देखा गया है। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।

चीन, अमेरिका और इजराइल वैक्सीन बनाने की दिशा में अब इंसानों पर परीक्षण कर रहे हैं । दुनियाभर में 50 से ज्यादा मेडिकल इंस्टीट्यूट और कंपनियां कोविड – 19 का वैक्सीन बनाने में दिन-रात जुटी हैं। यूएस बायोमेडिकल एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी इसके लिए प्राइवेट कंपनियों के वैज्ञानिकों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। फ्रेंच कम्पनी सनोफी पाश्चर और जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कंपनियां इस प्रोजेक्ट में साथ काम कर रही हैं। अमेरिका के बोस्टन की बेस्ट बायोटेक कंपनी मोडेर्ना ने १६ मार्च को साहसिक कदम उठाते हुए इंसानों पर भी वैक्सीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। जानवरों को छोड़ पहली बार सीधे इंसानों पर परीक्षण का जोखिम उठाया है अमेरिका ने । पहला कोरोना वायरस वैक्सीन ,अमेरिका के सियेटल की रहने वाली ४३ वर्षीय स्वस्थ महिला जेनिफर को लगाया  गया । दो बच्चों की माँ जेनिफर ने कहा – मेरे लिए यह  एक शानदार अवसर था । पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के स्ट्रेन को अलग करने में सफलता प्राप्त कर ली है। वायरस के स्ट्रेन्स को अलग करने से इसकी जांच के लिए किट बनाने, दवा का पता लगाने और टीके का शोध करने में काफी मदद मिल सकेगी। अभी तक अमेरिका, जापान, थाईलैंड और चीन ही दुनिया में चार ऐसे देश हैं, जिन्हें ये कामयाबी मिली है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वैज्ञानिक प्रिया अब्राहम ने बताया कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए भारत ने पहला चरण पार कर लिया है। भारत में ६  हजार टेस्ट रोज हो रहे हैं । आगे १०  लाख किट्स से अधिक का ऑर्डर दिया जा चुका है। आईसीएमआर टेस्टिंग के लिए निजी अस्पतालों की सुविधा लेने पर विचार कर रहा है। लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था। सत्र २००२ -०३  में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे। इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था। कोरोना वायरस के बारे में अभी तक इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्टियों या खाने के ज़रिए फैलता है। कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक जिन्दा नहीं रह सकता है ।अच्छी बात यह है की जिस तरह से वैज्ञानिकों ने सार्स, मर्स और इबोला जैसी बीमारियों के लिए वैक्सीन बनाने में  एकजुटता दिखाई थी, वैसी ही कोरोना में देखने को मिल रही है।

कोरोना वायरस  संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने से यह महामारी का रूप ले चुका है । इसलिए सभी देशों ने इमर्जेन्सी लागू कर रखी है । यह वैश्विक महामारी है |

कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है।चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस (कोरोना वायरस  डिजीज,  कोविड -19) अब तक 170 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 8925 को पार कर गई है।   कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।

*कोरोना वायरस से संक्रमित बीमारी के लक्षण –

कोवाइड-19 / कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। बुजुर्ग या जिन लोगों को पहले से अस्थमा, मधुमेह या हार्ट की बीमारी है उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है। ज़ुकाम और फ्लू के वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं।

इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं।जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें।कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है।

कुछ अस्पताल एंटीवायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं।

*कोरोना वायरस से बचने के उपाए –

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं । इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए।

अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है । खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढंककर रखें।जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों, उनसे दूरी बनाकर रखें।अंडे और मांस के सेवन से बचें।जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है।अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा।जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढंका रहे।मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिए, मास्क नहीं छूना चाहिए।हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए।कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं।अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढंक लें।हाथ साफ़ नहीं हो तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें। वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।

घर में मेहमान न बुलाएं।घर का सामान किसी और से मंगाएं।ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।

अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें।

14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। अत: घर पर रहें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर हम आपको कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बता रहे हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है। इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं जिससे कि कोरोना वायरस से निपटा जा सकता है। राष्ट्र के नाम सन्देश में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी  ने २२ मार्च को सुबह ७ बजे शाम ९ बजे  तक जनता कर्फ्यू का एलान किया है । २२ मार्च रविवार को सभी लोग सायं ५ बजे ५ मिनट तक अपने घरों के दरवाजे ,बालकनी ,खिड़की,छत  आदि जगहों से  ताली और थाली बजाकर कोरोना के खिलाफ सेवा दे रहे लोगों का आभार प्रगट करें । जिससे जनता कर्फ्यू को बल मिले और कोरोना वायरस जैसी बीमारी से जंग जीती जा सके । जनता कर्फ्यू के दौरान अपने घरों में ही रहें । जनता  कर्फ्यू जनता द्वारा जनता के हीत के लिए किया जा रहा है । प्रधानमंत्री जी ने जनता से अपील की है कि लोगों को फ़ोन के द्वारा जनता कर्फ्यू के बारे में बताएं । हमारे प्रधानमंत्री जी ने जनता से एक और सहयोग की मांग की है कि लोग भगदड़ न मचाएं और जरुरत की चीजों का संग्रह न करें । जीवन जैसे जीते हैं उसी प्रकार से जियें क्योंकि जीवन पूर्ति के लिए आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति सरकार करती रहेगी । प्रधानमंत्री जी ने कहा –“संकल्प और संयम से ही इस बीमारी से जंग जीती जा सकती है । १३० करोड़ जनता को संकल्प लेना होगा कि  संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को बचाएंगे । ”हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ” नामक मंत्र का पालन करना होगा  । संयम का तरीका है –  भीड़ से बचना , घर पर रहना और सोशल डिस्टैन्सिंग (सामाजिक दूरी) ।“

अतएव हम कह सकते हैं कि संयम और संकल्प के द्वारा कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

                                                           डॉ शंकर सुवन सिंह

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