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    Homeसाहित्‍यनन्हे राजकुमार

    नन्हे राजकुमार

    मेरे नन्हे से राजकुमार
    करता हूं मैं तुमसे प्यार

    जब भी देखूं मैं तुझको
    ऐसा लगता है मुझको
    था मैं अब तक बेचारा
    और क़िस्मत का मारा
    आने से तेरे हो गया है
    दूर जीवन का हर अंधियार
    मेरे नन्हे से राजकुमार…

    मेरे दिल की तुम धड़कन
    तेरी हंसी से मिटती थकन
    प्यारी लगे तेरी शरारत
    तुम हो जीवन की ज़रूरत
    तुझको देकर मेरे खुदा ने
    दिया है अनमोल उपहार
    मेरे नन्हे से राजकुमार…

    लाड़ले जब भी तुम हो रोते
    मेरे दिल के टुकड़े हैं होते
    तेरे लिए बन जाऊं मैं घोड़ा
    पापा हूं तेरा दोस्त भी थोड़ा
    आ जाओ कर लो मेरी सवारी
    तुम बनकर घुड़सवार
    मेरे नन्हे से राजकुमार…

    ✍️ आलोक कौशिक

    आलोक कौशिक
    आलोक कौशिक
    शिक्षा- स्नातकोत्तर (अंग्रेजी साहित्य) पेशा- पत्रकारिता एवं स्वतंत्र लेखन सम्पर्क सं.- 8292043472

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