तीन पांच तू मत कर छोटू,
मैं दो चार लगाऊंगा|
तेरे सिर पर बहुत चढ़े हैं,
मैं सब भूत भगाऊंगा|

यही ठीक होगा अब बेटे,
मेरे  सम्मुख ना आना,
जब भी पड़े सामना मुझसे,
नौ दो ग्यारह हो जाना|

कभी न पड़ा तीन तेरह में,
सीधा सच्चा काम रहा|
नहीं चार सौ बीसी सीखी|
इससे अच्छा नाम रहा

1 thought on “अच्छा नाम‌

  1. यह अन्ना जी ने केजरी वाल को सुनाया लगता है।
    बहुत सटीक बैठता है।
    =====>”तीन पांच तू मत कर छोटू,
    मैं दो चार लगाऊंगा|”
    ===>अंत भी सही है।
    ===>”कभी न पड़ा तीन तेरह में,
    सीधा सच्चा काम रहा|”
    नहीं चार सौ बीसी सीखी|
    इससे अच्छा नाम रहा।
    वाह !

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