ओल्ड इज आलवेज गोल्ड

दिलीप कुमार सिंह

किम जोंग द्वारा अमेरिका से सुलह कर लेने के बाद भारत टीवी चैनल के कर्ता-धर्ता बहुत परेशान थे कि अब कौन सा देश उनसे युध्दनीति की सूचनाएं साझा करेगा और वो अपनी दुनिया को बचाने की योजनाओं पर काम कैसे करेंगे लेकिन भला हो हिंदी फिल्म की तारिकाओं का ,जिन्होंने टीवी चैंनलों में फिर से हरियाली ला दी ,पहले अनुष्का,फिर दीपिका उसके बाद प्रियंका और अब पूर्व ब्रम्हांड सुंदरी सुष्मिता सेन ने ये मोर्चा संभाला है वो भी अपने से काफी छोटे उम्र के युवक से शायद विवाह बंधन में बंध जाएं।वैसे खबर से मैं बहुत नासाज हूँ कि मेरी प्रिय हीरोइन शादी कर रही है लेकिन मेरे दुखी होने में मेरा तनिक भी दोष नहीं है हुजूर।बचपन से मैं यही सुनता आ रहा हूँ कि फलानी हीरोइन ने लाखों दिलों को तोड़ते हुए शादी कर ली ,समझ में नहीं आता कि ये चैनल वाले शादी पर मुबारकबाद पेश करते हैं या मर्सिया ?वैसे ये मिस वर्ड और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता वाले कोई बांड भरवा लेते हैं क्या कि जब भी शादी करना तो अपने से छोटे उम्र के युवक से ही शादी करना ,पहले अभिषेक ऐश्वर्या से छोटे,फिर निक प्रियंका से छोटे और अब सुष्मिता भी उसी मार्ग पर।अवश्य ये किजी किस्म के सौभाग्य का सूचक होगा।अमिताभ बच्चन इस बात को बहुत पहले ताड़ गये थे  तभी तो मिस वर्ल्ड का आयोजन करके वो लगभग दिवालिया हो गये थे ,गनीमत ये रही कि बाद में एक मिस वर्ल्ड उनके घर की बहू बन कर आ गयी।बड़ी उम्र की औरत ऐसी सौभाग्य सूचक ठहरी अभिषेक के लिये ,कि उनके पूरे कैरियर में उन्हें एक ही सोलो हिट फिल्म नसीब हुई गुरु वो भी बड़ी उम्र के नायिका ऐश्वर्या के साथ।फिल्मी गॉशिप तो यहाँ तक कहते हैं कि अभिषेक बच्चन की फिल्मों की असफलता का जिम्मेदार उनके फ़िल्म में उनसे कम उम्र की नायिकाओं का होना है ।अमिताभ ये बात जानते हैं तभी तो वो बड़ी उम्र की महिलाओं को कल्याण ज्वैलर्स से सोना खरीदवा कर ,आईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने के लिये ज्यूपिटर के स्कूटर पर जाने की सलाह देते हैं ,उनका बताया हुआ सोना पहनकर आप उनके ही ब्रांड वाली अगरबत्ती से पूजा करें तो प्रार्थना जरूर स्वीकार होगी और हां सुबह सर्दी में उनके लेटेस्ट ब्रांड वाले च्यवनप्राश को खाकर उनके लेटेस्ट कोल्ड क्रीम का सफेद टीका अवश्य लगाएं ।फिर जब कर्जा वसूलने वाले लठैत बैंक वाले आपके पास भेज दें तब उसी सोने को मुथुत फाइनेंस पर गिरवी रख दें और और कर्जे के बाद पैसा बच जाये तो कुछ दिन गुजरात में बिता लीजिये और अगर वहां आपको कोई जबरदस्ती में मीजल्स-रूबेला का टीका लगाए तो आप वहां से भागकर उत्तर प्रदेश चले जायें क्योंकि यूपी में दम है क्योंकि जुर्म वहां पर कम है ।यूपी में अगर किसी ने आपकी पिटाई कर दी तो आप हिमानी फ़ास्ट रिलीफ लगा लें और तब तक अमिताभ बच्चन को पत्र लिख दें वो आपके लिये अटल पेंशन की व्यवस्था करवा देंगे और अगर आप को लगता है कि फिर भी जान का जोखिम है तो अमिताभ की बताई एक रुपया महीना वाली जीवन बीमा की पालिसी ले लें यानी अमिताभ के ब्रांड बिना आप रह ना सकेंगे।मैं ये सब सोच ही रहा था कि इकोनॉमिक टाइम्स पढूं क्योंकि व्यंग्य के उस्ताद आलोक पुराणिक साहब फरमाते हैं कि व्यंग्य अर्थशास्त्र से ही पैदा होता है ,उस्ताद लोग कभी पूरी बात नहीं बताते तो बड़ी उम्र की सुष्मिता सेन की फ़ोटो के साथ मेरे मोबाईल में एक खबर चमकी कि सुष्मिता सेन को एक केस के निपटारे में जो रकम मिली थी वो आयकर विभाग कैपिटल गेन मानकर एक दशक से उनसे टैक्स मांग रहा था खबर है कि अब अदालत ने उसे कैपिटल रिसीट मान लिया है ,मेरे जैसे अल्पज्ञ के लिये गेन और रिसीट दोनों का मतलब कुछ पाना ही होता है लेकिन कानून की नजर में अगर आप गेन को रिसीट साबित कर दें तो बहुत सा टैक्स आपका बच सकता है ।वैसे कांग्रेस इस मामले में काफी असहज है वो कहती है कि सुष्मिता सेन की अनिल अंबानी की  पुरानी मित्रता के कारण तो नहीं है ये सब।ह वैसे भी कांग्रेस दिन भर अनिल अंबानी को कोसती रहती है और अनिल अंबानी आरकाम को उबारने के लिये कांग्रेस पर मानहानि पर मुकदमे करते जा रहे हैं ताकि मुकदमा जीतकर अपनी कंपनी का कर्ज कम कर सकें।इधर केजरीवाल को इस मामले पर किसी ने चुप रहने की सलाह दी है ,केजरीवाल चुप हैं इसलिये नहीं कि उनकी जीभ का ऑपरेशन करके छोटी कर दी गयी बल्कि पिछली बार एक अम्बानी पर रपट लिखाते ही उनकी सरकार गिर गयी थी।इसीलिए वो अब किसी अम्बानी पर कुछ नहीं बोलेंगे।बोलेंगे तो सिद्धू भी नहीं उनका भी गला साथ नहीं दे रहा है बेचारे कंफ्यूज हैं कि उनका कप्तान दिल्ली में है या चंडीगढ़ में।जबसे उन्होंने सुना कि इमरान खान एक बड़ी उम्र की औरत से शादी करके वजीरे आज़म बन गये वो भी और दूसरे जरदारी रोज काले बकरे कटवा कर राष्ट्रपति भवन में अपनी खैर मनाया करते थे वो भी कांग्रेस पार्टी के लिये ऐसी कोई संजीवनी तलाश रहे हैं ।उधर इमरान खान परेशान हैं कि जैसे पाकिस्तान का रुपया गिर गया ,डॉलर के मुकाबले वैसे ही पाकिस्तान का निर्यात घट रहा है लड़ाकों के मामले में।कब तक भैंस और कार बेचेंगे।तब तक दुबरी दुबे दिख गये।मैंने पूछा “कैसे हो,आजकल भैंस का दूध बेच रहे हो गाय का”उन्होंने मुझे हड़काया”अबे लेखकवा, कब समझेगा तू ,पांच साल से मैं दिल्ली में हूँ ,वहां एक बड़ी उम्र की औरत को मुझसे इश्क़ हो गया और मैं अब लिव इन मे हूँ।मतलब,ऐसा तुम में क्या है दुबरी”मैं हैरान रह गया।दुबरी झल्लाते हुए बोला”अबे सुन बे लेखकवा ,अर्थशास्त्र के कीड़े ।मेरा नाम दुबरी दुबे यानी डीडी ,उस महिला को डीडी यानी डिमांड ड्राफ्ट शब्द बहुत प्रिय था इसलिये उसनें मुझसे लगभग शादी कर ली।अब अर्थशास्त्र देखो अगर तुम पचीस साल के हो और चौबीस साल की लड़की से शादी करोगे तो ये तुम्हारे पैसे का डेप्रिसिएशन कर देगी वो रोज रोज खर्च करके लेकिन अगर पचीस साल का लड़का पैंतीस साल की लड़की से शादी करता है तो वो लड़की तुम्हारे पैसे का एप्रिसिएशन कर देगी पैसे बचा -बचा कर तो अर्थशास्त्र की दृष्टि से ऐसी शादियां काफी सफल हैं,अर्थशास्त्र कहता है वित्त ही सरकार है।जानते हो जिस बड़ी उम्र के औरत के मैं साथ हूँ उसके एक्स मुझसे बहुत खुश हैं मुझे रुपये पैसे भी देते हैं मेरी बैंक गारंटी भी ली है और कहते हैं कि वो मुझे डब्लू और वी से मिलवाएंगे और वो सब भी मेरी मदद करेंगे ।यहां किसी कम उम्र के एक्स से मिलो तो वो या तो कट्टा निकाल लेगा या मार पीट करेगा।कम उम्र का कोई महत्व नहीं है ,युवतियों ने सिग्नेचर ब्रिज पर लांग वाक टू फ्रीडम किया किसी ने कोई तवज्जो नहीं दी ,पचास साल की कोई महिला दो शब्द का ट्वीट कर दे तो बवाल हो जाता है।राखी सांवत को इस मामले में देखो उसे अर्थशास्त्र का कितना ज्ञान है कि उसने दस साल पहले टीवी पर अपना स्वयंवर करके खूब पैसे कमाये और अब उम्र बढ़ गयी तो एक पैसेवाले से विवाह कर रही है।”डीडी ने मेरी खिल्ली उड़ाते हुए कहा “देख बे दो टके के लेखक ,साहित्य में अर्थशास्त्र को देखो अगर कोई नई उम्र की औरत कहती है कि मैं नैनीताल जा रही हूं साहित्य संम्मेलन में तो तुम अपना दफ्तर हर्जा करके उसके साथ जाओगे ,डबल खर्चा होगा लेकिन वही संम्मेलन कोई उम्रदराज महिला करने जाए तो तुम कहोगे कि ठीक है वैसे ही हरिद्वार चली जाना और बाकी के कर्मकांड निपटा आना ,उसे अकेले भेज देगो,उधर साहित्य और धर्म कर्म भी हो जायेगा बिना छुट्टी लिये ।ये साहित्य का अर्थशास्त्र है बड़ी उम्र की महिला के संगत का लाभ”ये कहते हुए डीडी हंसता हुआ चला गया।उसके जाते ही मैंने मोबाइल ऑन किया तो विविध भारती पर ओल्ड इज गोल्ड का संगीतमयी प्रोग्राम आ रहा था ।मैंने सोचा”यस ,ओल्ड इज आलवेज गोल्ड”।तब तक मेरे से उम्र में छोटी मेरी कर्कशा पत्नी ने हांक लगाई”अजी सुनते हो ,कहाँ मर गये लेखकउ ,सरसों का तेल घर में खत्म है ,तुरंत ले आओ नहीं तो तुम्हारे सर के बाल नोच लुंगी शाम को”।मेरी मुट्ठियाँ भिंच गयी हैं और बुदबुदा रहा हूँ “ओल्ड इज आलवेज गोल्ड”

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