हज़ारों ‘फ्रेंड्स’ के बावजूद इंसान अकेला — एआई-मित्रता की दुनिया में मानवीय संबंध का भविष्य

मनोरंजन

हज़ारों ‘फ्रेंड्स’ के बावजूद इंसान अकेला — एआई-मित्रता की दुनिया में मानवीय संबंध का भविष्य

- डॉ. शैलेश शुक्ला

यह अकेलापन केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है, जिनके पास मित्र या परिवार नहीं हैं, बल्कि यह उन लोगों में भी दिखाई देता है, जिनके पास हजारों आभासी संबंध हैं।

राजनीति

विश्ववार्ता