भज ले प्रभु का नाम बन्दे

0
225

भज ले प्रभु का नाम बन्दे,
कभी तुझे देरी न हो जाए।
पता नहीं इस मौत का तुझे,
कब तुझेको मरघट लेे जाए।।

अनिष्चता में निश्चितता छिपी,
सब लोगो को तो ये पता है।
मौत सबको ही आएगी पर,
कब किसको आएगी ये न पता।।

करले अपने सब काम पूरे,
फिर शायद समय न मिले।
मिला है मनुष्य जीवन तुझे,
शायद फिर ये तुझे न मिले।।

चांदनी है चार दिनों की जीवन में,
फिर अंधेरी रात ही आयेगी।
करले नेक काम इस चांदनी में,
फिर ये कभी नहीं आएगी।।

कर भला तेरा भला होगा ,
ये मन में तू बन्दे सोच लेे।
बुरा करने से न भला होगा,
ये जरा तू भी और सोच ले।।

Previous articleबलात्कार नहीं है भारत की संस्कृति
Next article‘कोरोना’ ने बिहार चुनाव को बनाया ‘खर्चीला’
आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here