लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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flower मिलन  सिन्हा                                  

अपने मन को

जोड़ो हर जन से .

न तोड़ो किसी का दिल

अपने धन से .

मत बनो तंग दिल

सबके साथ

रहो घुल मिल .

हों ऐसे विचार

जो बन सके

कर्म का आधार .

न बने व्यवहार तुम्हारा

व्यापार का सामान

बढ़ेगा तभी

तुम्हारा मान सम्मान .

रहे चरित्र

हमेशा पवित्र पावन

डिगे नहीं कभी

कैसा भी हो प्रलोभन .

ऐसा हो

तुम्हारा जीवन

जो लोगों के लिए

बने एक उदाहरण . 


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