लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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मिलन सिन्हा

alone-man1जो है खरा

झंझावात में भी वही

रह पायेगा खड़ा .

नहीं दिखेगा वह

कभी भी डरा-डरा .

कोई भी उसे

अपने संकल्प से

नहीं डिगा पायेगा

पर,

जो खोटा  है

भले ही मोटा है

देखने में

चिकना चुपड़ा  है

सौन्दर्य प्रसाधनों का

चलता-फिरता विज्ञापन है,

मुखौटा हटते ही

उसका असली चेहरा दिखेगा

तब क्या वह

किसी के सामने

बिना  बैसाखियों के

खड़ा भी रह पायेगा ?

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