लेखक परिचय

शालिनी अग्रहरि

शालिनी अग्रहरि

बी.एससी. (गणित) की डिग्री हासिल करनेवाली शालिनी को कविता रचने में बेहद दिलचस्‍पी है।

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mens108आसमान से एक पक्षी गिरा,

फिर शुरू हुआ उसके जीवन का सिलसिला

जब-जब वो उड़ना चाहे,

तब-तब वो नीचे गिर जाए

जब-जब उसने पंख फैलाए

तब-तब उसके दर्द उभर आये,

उसके थे बस इतने अरमान,

वो बने सबके दिल का मेहमान,

उसकी नहीं टूटी आस,

उसको था खुद पर विश्‍वास,

उसका विश्‍वास हिम्‍मत बन गया,

पंख फैलाकर वो उड़ गया…..!!!!!!!!!!!

-शालिनी अग्रहरि

9 Responses to “कविता : पंख फैलाकर वो उड़ गया…..!!”

  1. DR. AMAN KUMAR SUPAUL BIHAR MOB-09955225856

    THANKS FOR VERY MOTIVATIONAL PEOM WRITTEN………….DR. AMAN KUMAR CMD BBC COLLEGE SUPAUL BIHAR

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  2. Ateet Agrahari

    Dear Shalini jee,
    Apne bahur achi kavita likhi jo bahut inspirable hai,plz aap isi tarah se likhati rahe Iswar se prathna karta hoo ki aap hamesha achi Kavitaye likhe aur apne pariwar ke Hamare Samaj ka bhi nam Roshan kare,

    GOD BLESS you,
    Ateet Agrahari Chandigarh

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  3. akhil

    i must say its a beautiful poem.who really inspire us to think positive and do positive.pls shalini its my request keep on writing ur poems……..all the best!

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  4. सुमित कर्ण

    सुमित कुमार कर्ण

    उसकी नहीं टूटी आस,
    उसको था खुद पर विश्‍वास,
    उसका विश्‍वास हिम्‍मत बन गया,
    पंख फैलाकर वो उड़ गया…..!!!!!!!!!!!

    एक प्रेरणास्‍पद कविता के लिए शालिनीजी को हार्दिक धन्‍यवाद।

    Reply

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