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    Homeसाहित्‍यकविताकविता : सत्ता में शुचिता के राम है अटल

    कविता : सत्ता में शुचिता के राम है अटल

    सुशासन की मिसाल,
    राष्ट्रवाद का प्रतीक

    विचार का प्रयाग,
    लोकप्रियता का चरम है अटल
    ।।

    चरैवेति के ध्येय पथिक,
    कमल के पर्याय

    संपन्न भारत का चित्र,
    कवि और कलमकार है अटल
    ।।

    शांति का सन्देश,
    राष्ट्र शत्रुओं के काल

    महाशक्ति भारत का संघोष,
    स्वाभिमानी राष्ट्र का चित्र है अटल
    ।।

    आपातकाल के भक्षक,
    लोकतंत्र के रक्षक

    जन जन के नायक,
    जनतंत्र का यशस्वी कालखंड है अटल
    ।।

    ध्रुव सी दृढ़ता,
    कृष्ण सी चपलता

    सूर्य से तेज युक्त,
    सत्ता में शुचिता के राम है अटल
    ।।


    हितेश शुक्ल

    शोध छात्र , माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल 

    हितेश शुक्‍ला
    हितेश शुक्‍ला
    लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के शोध छात्र हैं।

    1 COMMENT

    1. बहुत सुंदर
      बहुत सुंदर
      वाह वाह

      मन प्रसन्न हुआ

      क्या आजकी राजनीति में कोई ऐसा है ………………….. ?

      नमन

      सादर

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