तुम कौशल्या के हो राम,
तुम दसरथ के भी हो राम।
मै समझूंगा जब तुमको,
जब आओगे मेरे तुम काम।

जन्म दिवस है आज तुम्हारा,
कैसे आज उसे मै मनाऊं।
लाया हूं कुछ भिलनी से बेर
उन्हे आज तुम्हे मै खिलाऊं।।

तुम सीता के भी हो राम,
तुम मीरा के भी हो श्याम।
तुम्हारी भक्ति कैसे करू मै,
मेरे घट घट में बसे हो राम।।

लो प्रभु जन्म इस कलयुग मे अब,
कोरोना राक्षस ने आंतक मचाया।
सारे भक्त त्राहि त्राहि कर रहे है,
करो अब उसका जल्द सफाया।।

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