हाँ आज इतवार है
इस पर मुझे पूरा ऐतबार है,
प्रसव की पीड़ा से जूझती कलम
आज जन्म देगी एक नयी कविता को
हाँ आज इतवार है |
कही किसी कलाकार की कलम
आज दिखा देगी अपना कमाल
जी हाँ आज इतवार है |
आँखों के कैमरे में कैद
किसी रम्य स्थान से आज
किया जा सकता है साक्षात्कार
क्योंकि इतवार आपका है |
कुरते के जरूरी बटन से टूटे
किसी रिश्ते को आज जोड़ा जा सकता है
क्योंकि आज इतवार है |
फुर्सत के ये कुछ पल
रच सकते हैं नया इतिहास
क्योंकि आज इतवार है |
बहुत कुछ है जो
समेटा, संजोया और निखारा जा सकता है,
क्योंकि आज इतवार है,
इसपर मेरा पूरा ऐतबार है
इसपर मेरा पूरा अधिकार है |

Leave a Reply

%d bloggers like this: