अस्पताल में एक और आम हादसा

अस्पताल में एक और आम हादसा

नहीं सर! वह तो बेचारी समान नागरिक संहिता के दौर में भी हरदम बस इसी बात से डरी रहती है कि दूसरे धर्म का होने के बाद भी जो भोलाराम ने सपने तक में उसे तीन बार तलाक तलाक तलाक कह दिया तो इस बुढ़ापे में कहां जाएगी? सोचती है तो उसके हाथ पांव फूल जाते हैं।हाय री रूह! गजब के मर्द हैं ये भी! सारी उम्र प्रेम. प्रेम करते. करते, कहते.कहते भी अपनी बीवी से प्रेम नहीं कर पाते पर सिर्फ तीन बार तलाक तलाक तलाक कहकर उसे तलाक जरूर दे देते हैं। कौन से धर्म की पोथी पढ़े हैं री ये मर्द?