ग्रीन शासन, क्लीन प्रशासन
अबके दीवाली को जब कसौली के साथ लगते गांव का गंगा कुम्हार अपने गोरू गधे की पीठ पर दीवाली के...
अबके दीवाली को जब कसौली के साथ लगते गांव का गंगा कुम्हार अपने गोरू गधे की पीठ पर दीवाली के...
ज्यों ही यह खबर पूरे जंगल में जंगल की आग की तरह फैली कि मैं अबके फिर अपनी टांग अड़ा...
जैसे- जैसे हम जितनी भी असली नकली दवाएं ईजाद करते जा रहे हैं, हैरत, वैसे-वैसे ही समाज-दफ्तर में दिन पर...
आईनों को स्वर्गलोक में जन्म देने के आश्वासन के बाद भी जो उनका जन्म मृत्युलोक में हुआ तो कुछ दिन...
वे नख से शिख तक अलग ही भाव भंगिमा में लचकते- मटकते आते दिखे पर फिर भी उन्हें पहचानते देर...
वे जो कल तक हर किसीका सिर बड़े इतमिनान से मंूडा करते थे, मुंडे सिर जब उनको किराए की गाड़ी...
अपने ही अस्पताल में दिन रात माकरी, साॅरी, नौकरी करने के बाद भी उनको चार छींके आने पर आईसीयू बड़ी...
बाजार द्वारा अपने ठगे जाने की अनकही प्रसन्नता के चलते गुनगुनाता- भुनभुनाता हुआ घर की ओर आ रहा था कि...
अधराता हो चुका था। पर आखों से नींद वैसे ही गायब थी जैसे यूपी में चुनाव के चलते हर नेताई...
लीजिए साहब! जिस बेदर्दी सावन का फरवरी से ही सरकार को इंतजार था आखिर वह आ ही गया। जल -भुन...
शुभचिंतक मेरी किसी भी बात से आप भले ही सहमत हों या न, पर मेरी इस बात से तो आप...
बाजार द्वारा हर मौसम की कमी पूरी किए जाने के बाद भी पता नहीं वसंत का कई दिनों से वैसे...