कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में

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संदर्भ: 20 जून, कबीर जयंती – बुरा मैं जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय ll कबीर के वृहद, विशाल रचना संसार की मात्र इन दो पक्तियों से ही कबीर कीवर्तमान परिप्रेक्ष्य में सर्वस्वीकार्यता सिद्ध हो जाती है. आज के इस दौर में जबकि प्रत्येक व्यक्ति… Read more »

कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में

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संदर्भ: आज कबीर जयंती   बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय ll कबीर के वृहद, विशाल रचना संसार की मात्र इन दो पक्तियों से ही कबीर की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सर्वस्वीकार्यता सिद्ध हो जाती है. आज के इस दौर में जबकि प्रत्येक व्यक्ति पराये… Read more »