कैशलेस अर्थव्यवस्था

भारत कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ा

नोटबंदी के बाद ये चर्चा है कि हिंदुस्तान कैसेलेस अर्थव्यवस्था की और बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस बारे में कह चुके है कि काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में इसे बहुत कारगर मना जा रहा है. भारत की सकल अर्थव्यवस्था के घरेलू उत्पाद में कैश जीडीपी का अनुपात 12 से 13 प्रतिशत है, जो अमरीका और यूरोप से अधिक है पर जापान से कम है.

कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत

भारत के लोग नयी चीजों को देर से अपनाते हैं लेकिन जब अपनाते हैं तो फिर पीछे नहीं देखते! आज देश में लगभग १०५ करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन हैं! और हर व्यक्ति धड़ल्ले से उसका प्रयोग कर रहा है! अगर पूरे जोरशोर से प्रयास किया जाये तो निश्चय ही लोग कॅश के स्थान पर कार्ड व्यवस्था को रोजमर्रा की जिंदगी का भाग बना लेंगे और एक बार जब उन्हें इसकी सुविधा की आदत पड जाएगी तो फिर देखते ही देखते भारत भी इस क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में दिखाई देगा!