गोमांस

रोज़े में गोमांस नहीं, गोरस!

रमजान की तपस्या के दिनों में चित्त ओर पेट दोनों को शांत रखने के लिए शाकाहार से बढ़िया क्या हो सकता है? यदि भारतीय मुसलमान इस रास्ते पर चलें तो वे इस्लाम की इज्जत में चार चांद लगा देंगे।