ताज

ताज पर प्रदूषण के दाग की जांच

1874 में गुंबद के कलश पर चढ़ाया मुलम्मा:-ब्रिटिश काल में 1874 में तत्कालीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जेडब्ल्यू एलेंक्जेंडर ने ताजमहल में मुख्य गुंबद के संरक्षण पर 70,926 रुपये खर्च किए थे। तीन साल तक चले संरक्षण में गुंबद के टूटे पत्थरों को बदलने के साथ पच्चीकारी का काम कराया गया। गुंबद के ऊपर पिनेकल पर मुलम्मा चढ़ाया गया था। इसके बाद 1880 में तत्कालीन डीएम एफ बॉकर ने मेहमान खाने की ओर चमेली फर्श पर इसी कलश का काले ग्रेनाइट से छाया चित्र तैयार कराया