नारी अस्मिता

कब तक लूटती रहेगी नारी अस्मिता?

इनका नजरिया इतना तंग है कि ये समस्या की गहराई में जाना ही नहीं चाहते और केवल उस पर लफ्फाजी करना चाहते हैं, जिस पर केवल गुस्सा ही आ सकता है। मैं पूछना चाहता हूं इन ठेकेदारों से कि जब फूलन देवी से सामूहिक बलात्कार किया गया था क्या उसने उत्तेजक कपड़े पहन रखे थे? फिर भी उसे घिनौने अपराध का शिकार होना पड़ा। तंदूर, स्टोव, चूल्हे कितनी ही नयनाओं को लीलते एवं दामिनियों को नौंचते रहे हैं, बुलंदशहर एवं एक्सप्रेस वे पर सामूहिक बलात्कार होते रहे-हमें इनकी जड़ को पकड़ना होगा।