नेशनल कान्फ्रेंस

पत्थरबाजों का उपचार पत्थर से ही संभव

अब यह अत्यावश्यक हो गया है कि हम आर-पार की लड़ाई लड़ें। सैनिकों का अपमान, उन पर पत्थर-प्रहार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए की जा रही कार्यवाहियों में बाधा किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जा सकती। पाकिस्तानपरस्त अलगाववादी तत्त्व और उनके संरक्षक-समर्थक हमारे नहीं हो सकते। इन्हें चिन्हित किया जाना और इन पर कठोर नियंत्रण किया जाना आवश्यक है । जब तक दूसरों के मानवाधिकारों का हनन करने वालों, सैनिकों पर पत्थर फेंकने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही नहीं होगी तब तक पत्थरबाजी बंद नहीं हो सकती। हमारी उदार नीतियों ने ही पत्थरबाजों को प्रोत्साहित किया है। उनकी संख्या बढ़ी है।