नोटबन्दी

नोटबन्दी : विपक्ष का ‘भारत बन्द’ फेल होना क्या दर्शाता है ?

आज #नोटबन्दी के फैसले को 20 दिन पूरे हो रहे हैं और लगभग इतने ही दिन की मेहनत सरकार की आलोचना करते हुऐ विपक्ष को भी हो चुके हैं । जब से मोदी सरकार ने नोटबन्दी का फैसला लिया है तब से लगातार विपक्ष के विरोध के कारण शीतकालीन सत्र भी बाधित है ।

#नोटबन्दी: मोदी के मास्टर स्ट्रोक के बाद क्या हारी हुई बाजी खेल रही है विपक्ष

केंद्र सरकार के नोटबन्दी वाले फैसले के एक हफ्ते के बाद विपक्ष अचानक मुखर हुआ और पीएम मोदी के ऊपर एक के बाद एक हमले शुरू कर दिए ।फ़िलहाल विरोध का आलम ये है कि शीतकालीन सत्र भी नोटबन्दी की भेंट चढ़ने वाला है । ये सारे हमले गरीबों की कंधे पर बन्दूक रखकर किये जा रहे हैं क्योंकि सरकार द्वारा अचानक लिए गये इस फैसले से आम लोगो को कुछ दिक्कतों का सामना तो निःसन्देह करना पड़ रहा है लेकिन अधिकांश लोग सरकार के इस फैसलों को सही बता रहे हैं । शायद विपक्ष भी एक हारी हुई लड़ाई लड़ रही है जिसका नेतृत्व भी कांग्रेस के स्थान ममता बनर्जी कर रही हैं ।