डॉ नीलम महेन्द्रा

समाज में घटित होने वाली घटनाएँ मुझे लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।भारतीय समाज में उसकी संस्कृति के प्रति खोते आकर्षण को पुनः स्थापित करने में अपना योगदान देना चाहती हूँ।

जो लोकतंत्र जातिवाद मजहब समुदाय की बेड़ियों में कैद था उसे विकास ने आज़ाद करा लिया है।

जातिवाद से आजाद होता देश का लोकतंत्र 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम कई मायनों में…

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई द्वारा महिला का कथित यौन उत्पीड़न

      सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई के विरुद्ध एक ३५ वर्षीय महिला जो…