डॉ नीलम महेन्द्रा

समाज में घटित होने वाली घटनाएँ मुझे लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।भारतीय समाज में उसकी संस्कृति के प्रति खोते आकर्षण को पुनः स्थापित करने में अपना योगदान देना चाहती हूँ।

जीवन चलाने के लिए जीवन को ही दांव पर लगा दिया गया।

विज्ञान के दम पर विकास की कीमत वैसे तो मानव  वायु और जल जैसे जीवनदायिनी एवं अमृतमयी…