भविष्य की कृषि खतरे में

भविष्य की कृषि खतरे में – जयराम ‘विप्लव’

सभ्यता के आरभ से ही ” कृषि ” मानव की तीन जीवनदायनी आधारभूत आवश्यकताओं में से एक -भोजन की आपूर्ति के लिए अपरिहार्य बना हुआ है । कृषि के अलावा ज्ञान-विज्ञान…