भारत ने हमेशा बचाव में ही हथियार उठाये हैं।

इतिहास साक्षी है भारत ने हमेशा बचाव में ही हथियार उठाये हैं।

अपनों द्वारा बार-बार ‘ठगे’जाने के वावजूद संयुक्त परिवार की उपादेयता
पर मुझे बड़ा अभिमान है ,पांच हजार साल से जिस कौम में ,जिस कुल में
भगवद्गीता के बहाने ‘महाभारत’ पढ़ाया जाता रहा हो , उस कुल के तमाम
कुलदीपक पार्थ या पार्थसारथी भले ही न बन सके हों ,किन्तु
‘कौरव-कुलांगार’ बनने में कहीं कोई चूक नहीं हुई।