मैथिलीशरण गुप्त सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय कवि थे

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मैथिलीशरण गुप्त जयन्ती, 3 अगस्त 2017 के उपलक्ष्य में   ललित गर्ग ”पर्वतों की ढलान पर हल्का हरा और गहरा हरा रंग एक-दूसरे से मिले बिना फैले पड़े हैं….।“ कैसा सही वर्णन किया है किसी साहित्यकार ने। लगता है कि हमारे मन की बात को किसी ने शब्द दे दिये। ठीक इसी प्रकार अगर हम… Read more »

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती ‘कवि दिवस’

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डा. राधेश्याम द्विवेदी जीवन परिचय:- मैथिलीशरण गुप्त का जन्म ३ अगस्त सन १८८६ ई. में पिता सेठ रामचरण कनकने और माता कौशिल्या बाई की तीसरी संतान के रुप में उत्तर प्रदेश में झांसी के पास चिरगांव में हुआ। माता और पिता दोनों ही वैष्णव थे। वे “कनकलता” नाम से कविता करते थे। इनके पिता सेठ… Read more »