शिवराजसिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज के ग्यारह साल

2014 में दिल्ली में मोदी की सरकार बनने के बाद आत्मसमर्पण की मुद्रा में आ गये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईश्वर की भारत को दी गई भेंट बताने लगे. दरअसल शिवराज की यही सबसे बड़ी ताकत है कि वे बदलते वक्त के हिसाब से अपने आप को ढाल लेते हैं .

उमा के बदले रुख से कमल खिला – सरिता अरगरे

चुनाव की तारीख की ओर बढ़ते हुए सियासत भी रफ़्तार पकड़ रही है। नाराज़ प्रहलाद पटेल ‘घर’ लौटने के लिए बेताब हैं। मित्तल मामले में कोप भवन में जा बैठे जेटली भी ज़िद छोड़ने..।