हादसों की रेल

भारतीय रेल नहीं हादसों की रेल कहिए!

20-11-2016 की वह दर्दनाक वह सुबह अब भुले भुलाई नहीं जा सकती है। रविवार की वह मनहूस सुबह जब लोग आराम से ट्रेन में सो रहे थे कि अचानक से एसा लगा कि 10 की तीव्रता से भूकंप आया हो जब तक लोग कुछ समझ पाते कि वो मौत की आगोश में सो गऐ। जी हां हम बात कर रहे हैं 20-11-2016 की वह मनहूस सुबह जब लोग इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल में अपने सपनो में खाये हुए थे काई अपनी मंजली पर पहुंचने के सपने देख रहा था तो काई अपने घर पहुचने के तो कोई अपने बुढ़े मां-बाप की चिंता में खोया हुआ था कि अचानक चिल्लकारी मच गई लो हाए दईया-हाए तौबा करने लगे देखते ही देखते इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल पटरी से उतर गई।