राजनीति का हिन्दूकरण’ और सावरकर, भाग-2

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सावरकर जी के हिंदू राष्ट्र में ‘राजनीति का हिंदूकरण’ हो जाने पर कुछ ये बातें स्वाभाविक रूप से देखने को मिलतीं :- हिंदी को प्राथमिकता दी जाती :- सावरकर जी मूलरूप से मराठी भाषा को बोलने वाले थे। पर उनका अपना चिंतन अत्यंत राष्ट्रवादी और पवित्र था। मराठी भाषी होकर भी वह हिंदी के अनन्यतम… Read more »

राजनीति का हिन्दूकरण’ और सावरकर, भाग-1

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राकेश कुमार आर्य क्रांतिवीर सावरकर जी का अपना सपना था कि ‘राजनीति का हिंदूकरण’ किया जाए। गांधी जी राजनीति के हिंदूकरण के विरोधी थे। सावरकर जी के इस कथन के प्रकाश में उनके आलोचकों ने उन्हें साम्प्रदायिक ठहराने का एकपक्षीय अनुचित प्रयास किया है। वीर सावरकर जी राजनीति के हिंदूकरण के जिस प्रकार समर्थक थे,… Read more »