हिन्दी दिवस पर कविता

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राम आश्रय पिता और गिरिराज में , नाता भूत अटूट । हर दम रखते लाज ये , दोनों धरती के पूत ॥ सर्द रात में पहरा देता , हर बैरी को रखता दूर । सीना खोल दुश्मन से लड़ता , करता उसकी हिम्मत चूर । गर्म हवा से हमें बचाता , हमको प्यार देता भरपूर… Read more »