Election Analysis

चुनाव विश्लेषण : तथ्य जो नज़रअंदाज किये गए

अभी -अभी हमारे गणतंत्र या लोकतंत्र अथवा प्रजातंत्र जो भी कहें , क्योंकि वो बस कहने भर को हमारा है बाद बाकि इसकी आत्मा अर्थात संविधान तो आयातित ही है ना , का कुम्भ समाप्त हुआ है । वैसे तो यह कुम्भ मेला कम अखाडा ज्यादा लगता है पर अखाड़े की धुल मिटटी की जगह यहाँ भ्रष्टाचार के कीचड़ उछाले जाते हैं । आशंकाओं के विपरीत कांग्रेस का २०० सीटों पर जीत कर आना और यूपीए द्वारा बहुमत से सरकार बनाये जाने पर लोग खुश नजर आ रहे है।