farmrers in debt

आखिर किसानों को गुस्सा क्यों आया ?

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के घोषणा-पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और किसानों को उपज का लागत से डेढ़ गुना दाम दिलाने का वादा किया था। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई उल्लेखनीय पहल नहीं हुई। इसके उलट विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तुलना में कम ही बढ़े हैं।